Tuesday, March 10, 2026
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डॉ. अनुराधा पांडेय की कविता

वंदेमातरम-वंदेमातरम गायें अपना गान समर्पित।
क्रांतिकारियों-बलिदानी के बलि-वेदी का मान समर्पित।
एक-एक को जोड़-जोड़ कर गढ़ते हिंदुस्तान समर्पित।
हम सब का अभिमान समर्पित वंदेमातरम गान समर्पित।
उठो जगो बाधाओं से अब पार हुए निर्माण समर्पित।
देशप्रेम से ओतप्रोत होकर के हिंदुस्तान समर्पित।
वंदेमातरम-वंदेमातरम सार्द्धशती सम्मान समर्पित।
तन-मन-धन-जीवन अपना माता के प्रति सम्मान समर्पित।
मंत्र पंच परिवर्तन का धारण करना उन्वान समर्पित।
सदियों का संघर्ष और गौरवशाली इतिहास समर्पित।
हों कुटुम्ब संस्कारी भारत की संस्कृति को मान समर्पित।
पर्यावरण बचाना करना घर-घर गूँजे गान समर्पित।
समरस हो सौहार्द बढ़ायें गीत स्वदेशी गान समर्पित।
कर्तव्यों का बोध रहे गुंजित हो सुमधुर भाव समर्पित।

डॉ. अनुराधा पांडेय
हिन्दी एवं संस्कृति अधिकारी
भारतीय उच्चायोग, लन्दन
संपर्क – [email protected]
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