The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

ज़किया ज़ुबैरी के जन्मदिन पर पुरवाई की विशेष प्रस्तुति

ज़किया ज़ुबैरी ब्रिटेन की अग्रणी हिन्दी कथाकार ही नहीं बल्कि लंदन के बारनेट क्षेत्र की पहली और एकमात्र मुस्लिम महिला काउंसलर हैं। वे आजतक...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

संपादकीय : डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के जोखिम का इनाम

मेरे मित्र प्रो. अजय नावरिया ने अपनी एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, “हिन्दू धर्म के सब लोग अच्छे होते हैं - अंधभक्ति। सब...

अपनी बात

साक्षात्कार

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 8

संपादकीय : डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के जोखिम का इनाम

मेरे मित्र प्रो. अजय नावरिया ने अपनी एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, “हिन्दू धर्म के सब लोग अच्छे होते हैं - अंधभक्ति। सब...

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

नीरजा हेमेन्द्र की कहानी – बिब्बो

बड़े शहरों को जहाँ बड़े-बड़े बंगले, बिल्डिगें, चैड़ी साफ सुथरी सड़कें, माॅल्स, दुकाने, बड़े-बड़े कार्यालयों में कार्य करते अफसरों, बाबुओं व व्यापारियों का समूह...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

विद्या सिंह की दो लघुकथाएँ

1 - उधड़ा ब्लाउज़ "अरे काव्या ज़रा सुई में धागा डाल दो बेटा" "तुम डाल दो ममा,...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

मृणाल आशुतोष की लघुकथा – मज़हब

"ख़ुदा के वास्ते फोन मत रखना!" आवाज़ सुनते ही मैं समझ गया कि रुखसाना का फोन...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

डॉ. हंसा दीप की लघुकथा – अपने बिल में

समर्थ जी बहुत खुश हैं। पिछले बीस सालों से विदेश में रहकर हिन्दी की सेवा...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

आलोक कौशिक की लघुकथा – डॉग लवर

ओमप्रकाश भारतीय उर्फ पलटू जी शहर के सबसे बड़े उद्योगपति होने के साथ ही फेमस...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

गोविंद शर्मा की दो लघुकथाएं

पक्की छत वे पूरे पांच साल बाद उस बस्ती में वोट मांगने आये। कच्ची झौंपड़ियों में...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

राकेश शंकर भारती की कलम से भुवनेश्वर उपाध्याय के उपन्यास ‘हाफ...

इस बार जब मैं अपनी किताबें “इस ज़िंदगी के उस पार” और “कोठा नं. 64” के प्रचार-प्रसार और दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में अपने...

‘शराफत विरासत में नहीं मिलती’ : सिक्‍के का दूसरा पहलू…यह भी

लेस्‍टर निवासी उपन्‍यासकार, कहानीकार नीना पॉल का नवीनतम कहानी-संग्रह ‘शराफ़त विरासत में नहीं मिलती’ विदेश के परिवेश को समेटे और अपने में आत्‍मसात् किये...

रेखा राजवंशी की तीन ग़ज़लें

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
1 कितने अरमाँ पिघल के आते हैं  लोग चेहरे बदल के आते हैं  *** अब मिरे  दोस्त भी रकीबों से  जब भी...

देवमणि पाण्डेय की दो ग़ज़लें

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
1 बदली निगाहें वक़्त की क्या क्या चला गया चेहरे के साथ साथ ही रुतबा चला गया  बचपन को साथ...

लेख

फ़िल्म समीक्षा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 35

मधु अरोड़ा का लेख : प्रवासी साहित्‍य और चुनौतियां

आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल के अनुसार, ‘साहित्‍य में जो मनोवृत्‍ति दिखाई पड़ती है, उसका निर्माण सामाजिक, राजनैतिक, वैचारिक आदि परिस्‍थितियों के अनुरूप होता है। दूसरी...