Sunday, April 19, 2026

अपनी बात

संपादकीय- सफ़ेदी भी स्याह हो सकती है!

इंसान की बनाई हुई कोई भी ऐसी चीज़ नहीं है, जो प्रकृति के लिए हानिकारक न हो। नहाने, कपड़े धोने, भोजन और दवाइयों आदि...

ग़ज़ल एवं गीत

बेचैन कण्डियाल की ग़ज़लें

(एक) बुतों से बोलने की आस करते हो रेगिस्तान में पानी तलाश करते हो। इस शहर की खाक में सुबहो शाम किसी गुमनाम की तलाश करते हो। तुमको देखा...

डॉ. विनोद प्रकाश गुप्ता की ग़ज़लें

ग़ज़ल 1 2122-2122-2122-212 मैं किसी के ख़्वाब के साये में हूँ महका हुआ , नाम अख़बारों में पढ़ कर बल्लियों उछला हुआ । आज उसने ‘इश्क़’ कह, फिर...

साक्षात्कार

कविता

प्रदीप गुप्ता की कविता- चेरी ब्लॉसम 

इन दिनों बसंत की आहट है— दूर देशों से  मित्रों द्वारा भेजे  चित्रों में चेरी ब्लॉसम की मुस्कराहट है। कुछ क्षण भर की वह आभा कैमरों में क़ैद होकर मुझे...

व्यंग्य

फ़िल्म समीक्षा

सिनेमा का कविता पाठ है ‘छावा’

छावा फिल्म की समीक्षा क्यों की जाए पहला तो प्रश्न यही उठना चाहिए। ऐसी फिल्में समीक्षाओं से परे की होती हैं क्योंकि आम दर्शक...

कहानी

सरस दरबारी की कहानी – अबूझ

"दीदी आपको शादी में आना ही होगा।" "पर स्वाति मैं किसी को नहीं जानती।" "मुझे तो जानती हैं न । यह भी जानती हैं कि मेरे...

अनिता रश्मि की कहानी-संवेदनहीन 

लगता है, इस बार भी मनमोहन प्रसाद और बिराज मेहता ही रिपोर्टिंग के लिए जाएँगे। इस तरह की वारदातों में मनमोहन प्रसाद और बिराज...

  रेणुका अस्थाना की कहानी- हाथी

“ बाबा, हाथी बहुत गन्दा होता है ना ...अपनी बहुत सारी छोटी बड़ी गाड़ियों को एक दूसरे पर चढ़ाते , गिरते , टकराते रोहित...

प्रवीण बनजारा  की कहानी – दुख के साथी

सृजन ने अपनी चाल तेज कर ली थी। मुझे उसके साथ कदम मिला कर चलना कठिन होता जा रहा था और मैं शनैः शनैः...

उर्मिला शिरीष की कहानी – यात्रा

माँ,  तुम बीमार नहीं हो। नहीं हो। मैंने कह दिया ना। अगर बीमार हो तो बताओ क्या बीमारी है...? इतनी जाँचें करवायीं, कोई बीमारी निकली!...

लघुकथा

  पिता की सीख  सखाराम को वॄद्धाश्रम आये हुये काफ़ी दिन हो गये थे, लेकिन उसे अपने घर की याद खूब सताती थी , क्योंकि...

लेख

हलचल

पुस्तक