The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

संपादकीय – भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता दिवस

नरेन्द्र मोदी के आगमन से राजनीति में मूलभूत परिवर्तन आना शुरू हो गया। सबसे पहले उन्हें लाशों का सौदागर कहा गया। उसके बाद तो...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

ज्योति सिंह की तीन लघुकथाएँ

1- चुनौती जूनागढ़ रियासत में जबसे वार्षिक गायन प्रतियोगिता की घोषणा हुई थी संगीत प्रेमियों में हलचल मच गई थी। उस्ताद ज़ाकिर खान और पंडित...

अपनी बात

साक्षात्कार

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 8

संपादकीय – भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता दिवस

नरेन्द्र मोदी के आगमन से राजनीति में मूलभूत परिवर्तन आना शुरू हो गया। सबसे पहले उन्हें लाशों का सौदागर कहा गया। उसके बाद तो...

कविता

व्यंग्य

कहानी

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

ज्योति सिंह की तीन लघुकथाएँ

1- चुनौती जूनागढ़ रियासत में जबसे वार्षिक गायन प्रतियोगिता की घोषणा हुई थी संगीत प्रेमियों में...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

स्नेह गोस्वामी की लघुकथा – बलि

उसने  धूल में लथपथ विजय को देखा और उसाँस भर कर रह गई । भोला भाला ...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

आशीष दलाल की दो लघुकथाएं

1- इंसान सिर पर तगारी उठाये चलते हुए पास ही पड़ी रेत पर उसका पैर फिसला...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

संदीप तोमर की लघुकथा – ज़ज्ब ख़्वाब

आज सत्तर की उम्र पार कर चुके परास बाबू को अचानक सोशल साइट्स पर एक...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

कुमार गौरव की लघुकथा – चाभी

कुमार गौरव एक नवयुगल बेंच पर प्रेमालाप में मग्न था। सामान साथ था मतलब उन्हें...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

नए विमर्श का प्रतिनिधि आख्यान है अनंत विजय की कृति ‘मार्क्सवाद...

"मार्क्सवाद का अर्धसत्य”, अनंत विजय, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली, 2019,सजिल्द, पृष्ठ संख्या-295,मूल्य-695 रुपये जीवन एवं जगत के अंतिम सत्य की खोज एक शाश्वत अनवरत यात्रा...

देशी चश्मे से लन्दन डायरी : पुस्तक समीक्षा

डॉ अरुणा अजितसरिया (एम बी ई) डायरी साहित्य की एक ऐसी विधा है जिसमें लेखक बिना किसी लाग लपेट के अपनी बात कहने को...

प्रभा मिश्रा का एक गीत

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
प्रभा मिश्रा कहानी मुझको मुझतक ढूंढ़कर लाने लगी है मै अपने ही चुने किरदार में खोने लगा हूँ ः बढ़ आरोह से...

डॉ. ममता मेहता की ग़ज़ल

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
डॉ. ममता मेहता मन ये बियाबान नहीं है खाली है वीरान नहीं है ***** हल्की फुल्की एक दो बातें भारी कुछ...

लेख

फ़िल्म समीक्षा