The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में स्वदेशी भाषाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय वर्ष का आयोजन

12 नवंबर को ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में टेम्स नदी की अद्भुत छटा के बीच, संस्क्रुति सेंटर फॉर कल्चरल एक्सीलेंस द्वारा स्वदेशी भाषाओं...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

रश्मि बजाज की तीन कविताएँ

1- युग मेरा कवि लिखता है कविता पंछी पर, रचता है शब्दों में उड़ान का उत्सव कलरव की सरगम... उकेरता है पृष्ठों पर  कोमल पंखों के  मखमली इंद्रधनुषीय रंग, आकाश की नीलाभ अनंतता... पूछता है  कवि से पंछी की नस्ल पंछी...

अपनी बात

साक्षात्कार

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 8

संपादकीय : पुत्र-मोह में बाला साहेब के सिद्धांतों की अनदेखी कर...

पुत्र-मोह में धृतराष्ट्र ने महाभारत करवा दी थी। आज वही काम उद्धव ठाकरे कर रहे हैं। उन्हें महाराष्ट्र की जनता और बाला साहब के...

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

वंदना बाजपेयी की कहानी – बद्दुआ

आज शाम जल्दी घर जा कर नीरज अपनी पत्नी मेघा व दो साल के बेटे मयंक को सरप्राइज़ देना चाहता है  | काम में...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

रोहित शर्मा की लघुकथा – फीके पकवान

सहायक अभियंता अनूप के पास वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया "प्रभात सिंह जी को जानते हो?" "उनको...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

सुषमा तिवारी की दो लघुकथाएं

1- मृगतृष्णा पापा इस बार मैं मत नहीं दूँगा, मोनू ने साफ हाथ खड़े कर दिए...
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युवा लेखिका शिवानी की दो लघुकथाएँ

उपहार दिवाली के आसपास शहर में कई सारी सेल और प्रर्दशनियाँ लगती हैं। बहुत सस्ते दामों...
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भारती कुमारी की लघुकथा – दर्द

आज मेघना किसी और ही दुनिया में है। रात भर सो भी नहीं पाई थी,...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

राजेश शॉ की दो लघुकथाएँ

मैन्युफैक्चरिंग  डिफ़ेक्ट बलात्कार के बाद नृशंस हत्या के अपराधी को रिमांड पर ले आयी पुलिस, जब...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

पुस्तक समीक्षा : सात कदम रिश्तों और दुनियादारी का दस्तावेज

प्रवासी साहित्यकारों के मन में भारत को छोड़ने का दर्द और भारतीय संस्कृति की महक सदा बनी रहती है। ऐसे ही कहानीकार, कथा साहित्य...

माटी कहे कुम्हार से : गहरी संवेदनाओं की लघुकथाएँ

माटी कहे कुम्हार से (लघुकथा संग्रह 2018 – लेखकः डॉ. चन्द्रा सायता; प्रकाशकः अपना प्रकाशन, गोविन्दपुरा, भोपाल-462023। पृष्ठ संख्याः 104, मूल्यः रु.200/- मात्र जैसे जैसे...

स्मृति शर्मा की तीन ग़ज़लें

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1 कुछ इस तरह से किया दर्द का चारा हमने हर एक अश्क को कागज़ पे उतारा हमने।   अजनबी शहर...

डॉ. तारा सिंह अंशुल की गज़ल

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
ज़िंदगी में गर मिले गम गवारा कीजिए, कभी तनहाई में भी रातें गुजारा कीजिए। बेशक देते हैं आईने सबको...

लेख

फ़िल्म समीक्षा