The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

डॉ. मीनाक्षी शर्मा की बाल कहानी – चैया की हैंडमेड गुड़िया

चैया की दादी गाँव से पहली बार अकेली शहर आ रही थीं। चैया बेसब्री से उनके आने का इंतज़ार कर रही थी। दादी उसके...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

विजय सिंह नाहटा की दो कविताएँ

1- एक छुअन भर है यह दुनिया एक संग्रहालय भी है तमाम क्षतियां और वो पल जो हमने खोये सहेज कर रखा गया जिन्हें करीने से। मेरी आंख विप्लव...

अपनी बात

साक्षात्कार

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

पद्मा शर्मा की कहानी – जीवन के रंग

गाँव की धरती पर कदम रखते ही मिट्टी की सौंधी खुशबू के झोंके ने ज्यों ही रवीन्द्र के चेहरे को छुआ उसकी रास्ते भर...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

रेखा श्रीवास्तव की लघुकथा – सम्मान

उमर ने नेट से देखा कि नवरात्रि की पूजा में क्या क्या सामान लगता है...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

डॉ. मीनाक्षी शर्मा की लघुकथा – आस के लिए

"सौ दिए लेने है मुझे, पैसे सही सही बताओ अम्मा..." "अरे ये तो टेढ़े मेढ़े और...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

कल्पना मनोरमा की दो लघुकथाएँ

रँगरेज़ा की थापें घर में जब से स्वच्छंद विचारधारा वाली बहू सभ्यता, ब्याहकर आई थी तब...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

रेखा श्रीवास्तव की लघुकथा – गेहूँ संग घुन

कोरोना ने बहुत सी जिंदगियों को कड़वे घूँट पिला कर मानवता, रिश्ते , प्रेम और...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

सीमा मधुरिमा की लघुकथा : पत्रकार

पिछले तीन हफ्ते से वो सड़को पर लगातार पैदल चल रहे मजदूरों का दर्द शूट...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

पुस्तक समीक्षा : तन की भटकन, मन की छ्टपटाहट को झेलते...

पलों के पैमाने पीते हुए जाने कितनी बार हम जीते हैं, कुछ देर ठहर कर स्वांस लेते हैं और आगे बढ़ते चले जाते हैं....

राकेश शंकर भारती की कलम से राज कमल के उपन्यास ‘बाँसुरीवाली’...

इधर अपनी ज़िंदगी की उत्थल-पुत्थल से समय निकालकर राजकमल जी का उपन्यास बाँसुरीवाली पढ़ा है। इस बार के दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में अमन...

कैलाश सेंगर की ग़ज़लें : सब के नसीब में कहां इज़्ज़त की रोटियां

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
1 मेहनत के बाद भी मिलीं नफ़रत की रोटियां सब के नसीब में कहां इज़्ज़त की रोटियां आंखों से देखने...

पद्मा मिश्रा का गीत – जन-मन का गौरव देश मेरा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
जन-मन का गौरव देश मेरा बन, नयी क्रांति की ज्योति जले विश्वास रहे,अभिलाष रहे ये चरण शिखर की ओर चलें, जनमन-प्रिय...

लेख

फ़िल्म समीक्षा

बाल साहित्य