The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

डॉ. सुषमा की लघुकथा – किशोरी पूजन

आज जब ज्योति कन्या पूजन के लिए बुलाने गयी तो लगभग सत्रह साल की रोशनी ने कहा मैम हम नही आएंगे।ये दोनों छोटी बहने...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

दिलीप दर्श की तीन कविताएँ

1- भीड़ से खारिज आदमी  भीड़ से खारिज आदमी भले ही हारा हुआ लगता है  कभी हारा हुआ नहीं होता  वह अकेला या बेसहारा हुआ लगता है  पर...

अपनी बात

साक्षात्कार

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 8

नवम्बर का महीना और भारत में हिन्दी का माहौल

14 नवंबर को जामिया मिल्लिया विश्विविद्यालय की हिन्दी विभाग की अध्यक्ष इन्दु विरेन्द्र ने सूचित किया है कि वे ब्रिटेन के प्रवासी साहित्य पर...

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

सविता तिवारी की कहानी – वीज़ा

एयरपोर्ट के बाहर ट्रोली में सामान रखते वक्त मन में जितना डर था वो एयरपोर्ट के अंदर पैर रखते ही जैसे सब गुम हो...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

डॉ. सुषमा की लघुकथा – किशोरी पूजन

आज जब ज्योति कन्या पूजन के लिए बुलाने गयी तो लगभग सत्रह साल की रोशनी...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

ऊषा भदौरिया की लघुकथा – कमजोर कौन?

लैप्टॉप की स्क्रीन देखते ही एक अजीब सी घबराहट के साथ मुझ पर बेहोशी सी...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी की दो लघुकथाएँ

1- रावण का चेहरा हर साल की तरह इस साल भी वह रावण का पुतला बना...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

मृणाल आशुतोष की दो लघुकथाएँ

1- आईना पटरी किनारे बैठा मुन्ना जूते पॉलिश कर रहा था और साथ ही कोई फिल्मी...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

अर्चना राय की दो लघुकथाएँ

बदबू रोज की तरह  नौ बजते ही अकरम अपनी रात रंगीन करने, जाने के लिए तैयार...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

माटी कहे कुम्हार से : गहरी संवेदनाओं की लघुकथाएँ

माटी कहे कुम्हार से (लघुकथा संग्रह 2018 – लेखकः डॉ. चन्द्रा सायता; प्रकाशकः अपना प्रकाशन, गोविन्दपुरा, भोपाल-462023। पृष्ठ संख्याः 104, मूल्यः रु.200/- मात्र जैसे जैसे...

नए विमर्श का प्रतिनिधि आख्यान है अनंत विजय की कृति ‘मार्क्सवाद...

"मार्क्सवाद का अर्धसत्य”, अनंत विजय, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली, 2019,सजिल्द, पृष्ठ संख्या-295,मूल्य-695 रुपये जीवन एवं जगत के अंतिम सत्य की खोज एक शाश्वत अनवरत यात्रा...

डॉ. तारा सिंह अंशुल की गज़ल

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
ज़िंदगी में गर मिले गम गवारा कीजिए, कभी तनहाई में भी रातें गुजारा कीजिए। बेशक देते हैं आईने सबको...

प्रभा मिश्रा का एक गीत

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
प्रभा मिश्रा कहानी मुझको मुझतक ढूंढ़कर लाने लगी है मै अपने ही चुने किरदार में खोने लगा हूँ ः बढ़ आरोह से...

लेख

फ़िल्म समीक्षा