The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

डॉ निशंक के साहित्य में सामाजिक यथार्थ और युग बोध…

डॉ किरण खन्ना द्वारा संपादित पुस्तक 'डॉ निशंक के साहित्य में सामाजिक यथार्थ और युग बोध' डॉ. परमजीत कुमार छाबड़ा आधुनिक युग बोध के प्रगतिशील...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

‘प्रौद्योगिकी बैंकिंग और हिंदी’ पुस्तक का विमोचन राजभवन में सम्पन्न

डॉ. रमेश यादव द्वारा सृजित पुस्तक ' प्रौद्योगिकी बैंकिंग और हिंदी ' का विमोचन समारोह मुंबई स्थित राजभवन में महामहिम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी के कर कमलों...

अपनी बात

साक्षात्कार

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

एस. भाग्यम शर्मा द्वारा तमिल से अनूदित कहानी – रायर जी...

इस कहानी की मूल तमिल लेखिका इन्दुमति हैं। इसका हिंदी अनुवाद एस भाग्यम शर्मा ने किया है। राय साहब खाली हाथ ना आकर एक छोटे स्टील...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

सरोज बिहारी की लघुकथा – आज का एकलव्य

आज उनके घर जाने पहचाने और अनजाने लोगों का ताँता लगा हुआ था। सफ़ेद कपड़ों...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

बालकृष्ण गुप्ता गुरु की तीन लघुकथाएँ

1 - परछाईं सीमा की ओर प्रस्थान करने को आतुर फौजी पिता की गोद में...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

डॉ. सपना दलवी की लघुकथा – झलकारी का सपना

सुबह उठते ही झलकारी दौड़ती हुई मां के पास आई और कुछ लजाते हुए मां...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

डॉ. अनुज प्रभात की लघुकथा – उसूल

विद्यालय में जादू दिखाया जाना था ।सभी बच्चों को। पांच से दस पैसे देने थे...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

दिव्या शर्मा की लघुकथा – जलमेव जीवनम्

"टैंकर आ गया है…मैं पानी ले आती हूँ।तू अपना ध्यान रखिओ…।" कैन उठा कर घर...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

डॉ निशंक के साहित्य में सामाजिक यथार्थ और युग बोध…

डॉ किरण खन्ना द्वारा संपादित पुस्तक 'डॉ निशंक के साहित्य में सामाजिक यथार्थ और युग बोध' डॉ. परमजीत कुमार छाबड़ा आधुनिक युग बोध के प्रगतिशील...

विपिन पवार की कलम से – दर्द का दस्तावेज़ है आसमान...

पुस्तक- एक टुकड़ा आसमान। विधा- उपन्यास। लेखक- विनोद कुशवाहा। प्रकाशक- शिवना प्रकाशन, पी.सी.लैब, सम्राट कॉंम्‍पलैक्‍स बेसमेंट, बस स्टैंड, सीहोर (मध्यप्रदेश) 466001 ओशो ने कहा...

निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल – मुझपे नज़रे  इनायत  मगर  कीजिए

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
मुझपे मौला करम की नज़र कीजिए। अब दुवाओं  मे  मेरी  असर कीजिए।। मैं हकीकत  में  कितना  गुनहगार हूँ। मुझपे नज़रे ...

सुभाष पाठक ‘ज़िया’ की ग़ज़लें

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
ग़ज़ल 1 छोड़ो कि टूटकर वो सितारा किधर गया देखो कि  रास्तों का  मुक़द्दर  संवर  गया दरिया  छलक छलक के...

लेख

फ़िल्म समीक्षा

बाल साहित्य

इधर उधर से