ब्रह्मांडीय विनम्रता
हम धूल हैं—
परिभाषा से परे,
तारों की धूल सरीखे,
जो टूटकर नहीं—
बस अक्स बदलकर
पृथ्वी में मिल गए।
तारों की धूल
सुनहरी हो सकती है,
पर हम भी तो
धूल...
'डिंग-डॉंग'! बेल बजी।
सौम्या ने दरवाज़ा खोला तो देखा; डिलीवरी बॉय पिज़्ज़ा लेकर खड़ा था।
'मैडम! आपने पिज़्ज़ा का ऑर्डर करवाया था।'
पिज़्ज़ा लेने से पहले सौम्या की...