The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव का लेख : भीष्म साहनी का लेखन और ज़िन्दगी के नये...

किसी भी रचना या साहित्य का विवेचन एवं विश्लेषण उसके संवेदनात्मक एवं रचनात्मक विधान को ही आधार बना कर किया जाता है। आज का...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

ज्योतिर्मया ठाकुर की कविता – कवित्री हूँ, मानव कल्याण के सपने को संजोती हूँ

कवित्री हूँ, मानव कल्याण के सपने को संजोती हूँ ----- संकल्प लिए जीवन की अनुभूति के साथ जीती हूँ सत्य, शिव और सौन्दर्य अलौकिक रस पीती...

अपनी बात

साक्षात्कार

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 8

संपादकीय : सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण और पल पल खुलते नये...

पुलिस को दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्याओं में कहीं कोई संबन्ध दिखाई नहीं दिया। आज जब यह राज़ खुला कि आत्महत्या...

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

प्रियंका ओम की कहानी – हाँ, आख़िरी प्रेम

प्रियंका ओम हिंदी की चर्चित कहानीकार हैं। अपने पहले कहानी-संग्रह 'वो अजीब लड़की' से ही इन्होंने हिंदी के कथा जगत में अपनी एक अलग...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

सीमा मधुरिमा की लघुकथा : पत्रकार

पिछले तीन हफ्ते से वो सड़को पर लगातार पैदल चल रहे मजदूरों का दर्द शूट...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

चित्रा राणा राघव की लघुकथा – प्रश्न

आर्टिफिशल क्लोज्ड इकोलॉजिकल सिस्टम बनाए गए। कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की तकनीक, सभी हानिकारक ग्रीनहाउस गैस...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

डॉ. चंद्रेश कुमार छ्तलानी की लघुकथाएँ

1 - नया पकवान एक महान राजा के राज्य में एक भिखारीनुमा आदमी सड़क पर मरा...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

डॉ. अंजु लता सिंह की लघुकथा : कर लो दुनिया मुट्ठी में

वर्मा जी का बूढ़ा माली हरिया आज अपने मालिक वर्मा जी के  नन्हे पोते चुनमुन...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

रेखा श्रीवास्तव की दो लघुकथाएँ

चार कंधे आज मिश्रा जी को आईसीयू में पड़े पड़े तीन दिन हो गये थे ।...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

पुस्तक समीक्षा : तन की भटकन, मन की छ्टपटाहट को झेलते...

पलों के पैमाने पीते हुए जाने कितनी बार हम जीते हैं, कुछ देर ठहर कर स्वांस लेते हैं और आगे बढ़ते चले जाते हैं....

राकेश शंकर भारती की कलम से राज कमल के उपन्यास ‘बाँसुरीवाली’...

इधर अपनी ज़िंदगी की उत्थल-पुत्थल से समय निकालकर राजकमल जी का उपन्यास बाँसुरीवाली पढ़ा है। इस बार के दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में अमन...

मनीष श्रीवास्तव बादल की तीन ग़ज़लें

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
मनीष श्रीवास्तव बादल ग़ज़ल 1 नफ़रतों  को   काटती  है  उल्फ़तों  की  धार  बस प्यार  करिये  प्यार  करिये  प्यार करिये प्यार...

नंदिनी हर्ष का गीत – मैं जंगल की एक कनेरी, तुम शाही उपवन के फूल

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
मैं जंगल की एक कनेरी, तुम शाही उपवन के फूल बोलो दोनों इक माला में, बिंधकर कैसे हों...

लेख

फ़िल्म समीक्षा