The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

रमेश कुमार रिपु की कलम से – पत्रकारिता के पतन का कैनवस

लेखक - कृष्ण नागपाल प्रकाशक - अमन प्रकाशन कीमत - 195 रूपए समीक्षक - रमेश कुमार रिपु साहित्य में किसी भी विधा में लिखी गई सामग्री की ताकत...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल

छन-छन के हुस्न उनका यूँ निकले नक़ाब से। जैसे  निकल  रही  हो  किरण  माहताब  से।। पानी  में  पाँव  रखते  ही  ऐसा  धुआँ  उठा। दरिया में आग  लग ...

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साक्षात्कार

कविता

व्यंग्य

कहानी

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 19

प्रदीप श्रीवास्तव की कहानी – रिश्तों के उस पार

वह कब क्या कर गुजरेंगे इसका अनुमान लगा पाना बहुत कठिन है। उनका 'यदुकुल होटल' करीब-करीब बीस-बाइस वर्षों से शहर में अपना विशेष स्थान...

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

रेखा श्रीवास्तव की लघुकथा – उजड़ा चमन

 "अरे ! ये क्या? कहीं भी हरियाली नहीं ।" मन एक बार उजड़े पहाड़ों को...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

डॉ. पद्मावती की लघुकथा – शंका

गणेश उत्सव की तैयारियाँ चल रही थी । वह भगवान की मूर्तियाँ बनाता था ।मिट्टी की मूर्तियों में जान फूंक देता था। आज अचानक मूर्ति पर काम करते हुए उसके हाथ रुक गए। एक...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

महेश कुमार केशरी की लघुकथा – बुरा वक्त

अभी पैरों के प्लास्टर कटे दो दिन ही हुए थे l रवि धूप में बैठकर...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

समीर उपाध्याय की लघुकथा – माँ अभी जिंदा है

छोटा बेटा कर्तव्य अपनी बयासी साल की वृद्ध मां की सेवा को ही अपना धर्म...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

महेश कुमार केशरी की लघुकथा – निपटारा

वीडियोग्राफी और सर्वे का काम खत्म हो चुका था l कोर्ट परिसर  खचाखच भीड़ से...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

रमेश कुमार रिपु की कलम से – पत्रकारिता के पतन का...

लेखक - कृष्ण नागपाल प्रकाशक - अमन प्रकाशन कीमत - 195 रूपए समीक्षक - रमेश कुमार रिपु साहित्य में किसी भी विधा में लिखी गई सामग्री की ताकत...

दीपक गिरकर की कलम से – बेहतरीन कथ्य एवं शिल्प की...

पुस्तक  : रज्जो मिस्त्री (कहानी संग्रह) लेखिका  : प्रज्ञा प्रकाशक : शिवना प्रकाशन, पी.सी. लैब, सम्राट कॉम्प्लेक्स बेसमेंट, बस स्टैंड, सीहोर - 466001 (म.प्र.) आईएसबीएन नंबर :...

निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
छन-छन के हुस्न उनका यूँ निकले नक़ाब से। जैसे  निकल  रही  हो  किरण  माहताब  से।। पानी  में  पाँव  रखते ...

संजय ग्रोवर की दो ग़ज़लें

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
ग़ज़ल-1 ऐ ख़ुदा! तू हो न हो पर मैं परेशानी में हूं तैरना आता नहीं और आग़ के पानी...

लेख

फ़िल्म समीक्षा

बाल साहित्य

इधर उधर से