The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 6

वन्दना यादव का स्तंभ ‘मन के दस्तावेज़’ – हे जल, तुम जीवन

तुम, सबके अपने। अतिथि सत्कार किए तुमसे। भोग का भैरवी राग भी तुम। कन्यादान किए तुमसे, डोली की विदा भी तुम। चरण-पथार तुम्हीं से,...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 7

डॉ जितेन्द्र जीतू की कलम से – लघुकथा का सायबान

समीक्षक - डॉ जितेन्द्र जीतू पुरुषोत्तम दुबे वरिष्ठ लघुकथाकार व आलोचक हैं। कुछ माह पूर्व उनका एक लघुकथा संग्रह आया था - 'छोटे-छोटे सायबान', जो...

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कहानी

लघुकथा

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 24

सपना चन्द्रा की लघुकथा – बिकाऊ

राहुल अपनी गायन की कला से शहर भर में प्रसिद्व था। किसी ने उसे महानगर...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 25

रेखा श्रीवास्तव की लघुकथा – किसकी किस्मत !

घर में शादी की धूमधाम मची थी, तीसरे दिन बारात जानी थी। सुबह जब सब...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 26

कमला नरवरिया की लघुकथा – स्पेशल दीपावली

इस बार विभा दीपावली की तैयारियां पूरे जोर-शोर से कर रही थी और वह करे...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 27

रेखा श्रीवास्तव की लघुकथा – करवा चौथ

रमेश बार के बाहर साहब का इन्तजार कर रहा था और बार बार घडी भी...
The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 28

महेश कुमार केशरी की लघुकथा – सनकी

नहीं, इस बार कभी जोर से दिल नहीं धड़का थाl ना ही कभी कोई ऐसी...

पुस्तक समीक्षा

ग़ज़ल एवं गीत

डॉ जितेन्द्र जीतू की कलम से – लघुकथा का सायबान

समीक्षक - डॉ जितेन्द्र जीतू पुरुषोत्तम दुबे वरिष्ठ लघुकथाकार व आलोचक हैं। कुछ माह पूर्व उनका एक लघुकथा संग्रह आया था - 'छोटे-छोटे सायबान', जो...

डॉ जितेन्द्र जीतू की कलम से – प्रेम और रिश्तों की...

समीक्षक : डॉ जीतेंद्र जीतू शोभा स्वप्निल से मेरी प्रथम भेंट नजीबाबाद आकाशवाणी केंद्र पर करीब बीस साल पहले हुई थी। हम शायद एक काव्य...

शिवानन्द सिंह ‘सहयोगी’ के पाँच नवगीत

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 33
1. कई कबूतर घर की छत पर पर्व मनाने आ जाते हैं कई कबूतर | यद्यपि इन्हें नहीं पाला है लेकिन पाले...

डॉ रूबी भूषण की ग़ज़ल – इश्क़ बदनाम हुआ अपनी ही नादानी से

The Purvai - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 34
इश्क़ बदनाम हुआ अपनी ही नादानी से आप क्यों देख रहे हैं मुझे हैरानी से बुझ गई आग मेरे...

लेख

फ़िल्म समीक्षा

बाल साहित्य

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