Wednesday, February 11, 2026
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बबीता कुमावत की कविताएँ

1 – बारिश

पहली बारिश हुई
अंतर्मन में झनझनाहट हुई,
विचार बाहर निकलकर भीगने लगे
फटी कथरी की तरह

विचार, कविता बुनने के लिए
दौड़ने लगे,
कविता सिर्फ शब्दों की तहकीकात नहीं करती
कविता गुर्राती है व्यवस्था पर
विचारों की झनझनाहट में,
जैसे सदियों से रोंदी हुई घास की तरह
बोथरापन आ गया
बाहर देखती हूं तो
पहली बारिश
युवती की तरह,
सुंदरता से आवेशित है
पर मैं अंधी गुफाओं में
विचारों को अंकित कर रही
रहस्यमयी बारिश की तरह,

और एक दिन गुर्राती हुई
कविता झपट पड़ती है सब पर,
घनघोर बारिश की तरह।

2 – बसंत
हर साल बसंत होता है
हल्की फुल्की बारिश आती है,
प्रेमिका जब आती है
तो मौसम और भी हरा हो जाता है ।
देती है वह हौंसला
मेरे गीतों को,
मैं रहा था तड़प
मेरी वेदना तप रही थी ।
उससे मिलता है
मेरी वेदना को इत्मीनान,
मैं परेशान हुआ की
मौसम मदहोश हुआ
वह मेरे सपनों को
बुनती नजर आती है,
और मैं तनाव में
सूर्य की आखिरी किरण को
देखता हुआ ।
जो मेरी उम्मीदों को
और अधिक तीव्र कर देती है,
मैं गर्व से उसको बुलाता हूं
दूर से हाथ हिलाता हूं ।
वह मुझे एक जीवन के बदले
दूसरा देती है,
मैं अपनी कविता के शब्दों को
और उसको प्रेम से सहलाता हूं।
3 – जीवनसाथी
काश ! होते तुम उस समय भी
जब माँ मुझे घंटो घंटो
पुस्तक लेकर बैठाती थी,

मैं किताबों की दुनिया में
ढूंढती उस दुनिया को,
जो मुझे आनंद से सरोबार कर दे
मेरे जीवन को रोशनी से भर दे

काश ! होते तुम उस समय
जब मैं मंदिर में भगवान के सामने
एक भोला मासूम चेहरा लिए बैठती,
माँ मेरे दोनों जोड़े हुए हाथों को
ठीक मुद्रा में करवाती
हां ! तुम होते उस समय
जब मैं छोटी सी स्कर्ट पहनकर विद्यालय जाती,
मां मेरी दो चोटियां बनाती
और मैं उनको वापस बिगाड़ देती
तब मैं तुमसे मिलती
तो तुम देखते
मेरा जुनून पढ़ने का,
प्यार किताबों से,
पागलपन उस पढ़ाई के कमरे का,
भूत सवार जीवन को संवारने का
काश ! तुम मिलते
मुझसे उस समय।

 

बबिता कुमावत
शिक्षा -एम ए. बी एड. नेट, पीएचडी शोधार्थी,
संप्रति –
सहायक प्रोफेसर, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमकाथाना, सीकर(राजस्थान)
प्रकाशन –
देश विदेश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में गजल, कविता, कहानी, लघु कथा व शोध आलेखों का प्रकाशन, मां की उमंग साझा काव्य संग्रह व विभिन्न पुस्तकों में शोध आलेख ।
साहित्यनामा, साहित्य रत्न, अमर उजाला, हिंदी कुंज, साहित्य कुंज (कनाडा),हिंदी की गूंज (जापान), पुरवाई (ब्रिटेन),नई रोशनी (जम्मू) राजस्थान पत्रिका, संगम सवेरा, नई गूंज, काव्य सरिता मंच, उड़ान पत्रिका, हारिल पत्रिका, हिंदी भाषा (मुंबई) हिंदी बोल इंडिया, जयदीप पत्रिका, दैनिक साहित्य पत्रिका, साहित्य मंजरी, प्रांति इंडिया, साहित्य रचना, नवउदय इत्यादि पत्रिकाओं में प्रकाशन ।
सम्मान –
हिंदी साहित्य काव्य गौरव सम्मान, कवि संसार साहित्य राष्ट्रीय मंच सम्मान, विश्व हिंदी सृजन सागर मंच का श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, काव्य मंच मेघदूत सम्मान ।
लेखन का उद्देश्य – समाज में व्याप्त महिलाओं के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को दूर करना, लोगों में जागरूकता पैदा करना, अपनी भावनाओं को लेखन के माध्यम से अभिव्यक्त कर आत्म संतुष्टि प्राप्त करना।
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