उत्तर प्रदेश की प्रवासी संस्था यूपीसीए द्वारा काशी: द अबोड ऑफ़ शिव का लोकार्पण
लंदन, 22-07-2024
उत्तर प्रदेश सामुदायिक एसोशिएसन (यूपीसीए) ने भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक केंद्र नेहरू सेंटर के साथ मिलकर, लंदन में काशी: द अबोड ऑफ़ शिव नामक पुस्तक का लोकार्पण किया है। इस पुस्तक का चित्र संकलन और लेखन बीबीसी हिंदी के पूर्व संपादक तथा प्रसिद्ध फोटोग्राफर, लेखक और फिल्म निर्माता डॉ. श्री विजय राणा जी ने किया है।
काशी की गिनती विश्व के प्राचीनतम नगरों में होती है। भारत की आध्यात्मिक राजधानी कहे जाने वाले इस इस नगर के बारे में कहा जाता है कि, यहाँ की सुबह सुनहरी और शाम निराली होती है। डॉ. विजय राणा ने अपनी नवीनतम फोटोग्राफिक पुस्तक में काशी के अनेकों दिव्य स्थानों और अनुष्ठानों को प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। हृदय की आँखों से देखने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए काशी के, पुरपति बाबा विश्वनाथ और जगत की पालनहार माता अन्नपूर्णा की दिव्य उपस्थिति के कुछ अनोखे दृश्य हमें इस पुस्तक में देखने को मिलते हैं।
दुनिया के अनेक फोटोग्राफर्स ने भारत की आध्यात्मिक राजधानी वाराणसी का चित्रांकन किया है, लेकिन उनकी किताबों में वाराणसी के सबसे पवित्र तीर्थस्थल और काशी यात्रा पर आने वाले यात्रियॊं के आकर्षण के सबसे बड़े केंद्र, काशी विश्वनाथ मंदिर, की तस्वीरें नहीं हैं। कारण यह है कि भारत के अधिकांश प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों के अंदर फ़ोटोग्राफ़ी प्रतिबंधित है। परिणामस्वरूप इन मंदिरों में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का कोई दृशयात्मक रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है। काशी: द अबोड ऑफ शिव इस परांपरा को तोड़ने वाली किताब है।


बहुत अच्छा लगा पढ़कर। अभी तक विदेशों में अधिकतर राम और कृष्ण की ही चर्चा सुनने को मिली आज शिव का नाम भी आया, काशी का नाम भी आया।
काशी और शिव पर किसी ने लिखा जानकर बहुत ही अच्छा लगा। हमारी संस्कृति प्रवासी भारतीयों के माध्यम से विश्व जगत में फैल रही है यह एक प्रशंसनीय कार्य है। लेखक को बहुत-बहुत बधाईयाँ और शुभकामनाएँ।