लंदन, 21/02/2025 – भारतीय उच्चायोग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का भव्य आयोजन नेहरू सेंटर, लन्दन में किया
गया। इस कार्यक्रम का संचालन भारतीय उच्चायोग के अताशे (समन्वय) श्री अजय ठाकुर ने किया। इस अवसर पर भारतीय उच्चायोग के मंत्री समन्वय श्री दीपक चौधरी एवं प्रख्यात साहित्यकार तेजेन्द्र शर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भाषाई विविधता के महत्व, मातृभाषाओं के संरक्षण एवं उनके प्रचार-प्रसार पर अपने विचार साझा किए।
अतिथि के रूप में नेहरू सेंटर के अध्यक्ष श्री नौरम जे. सिंह एवंउपाध्यक्ष श्री संजय शर्मा भी वहाँ उपस्थित थे।
लैंग्वेज अवेयरनेस बोर्ड यूके से जुड़े विभिन्न भारतीय भाषाओं के अध्यक्षों ने अपनी-अपनी मातृभाषा में काव्य प्रस्तुतियाँ दीं।

वहाँ उपस्थित सभी दर्शकों ने हर भाषा की कविता को सराहा चाहे उन्हें वो समझ ना आ सकी… कहते है ना कि भाषा की शक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके पीछे छिपे भाव, अभिव्यक्ति और संवेदनाएँ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। किसी भी भाषा को पूरी तरह न जानते हुए भी यदि उसके शब्दों में भावनाएँ गहरी हों, तो श्रोता उसे हृदय से महसूस कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, राजस्थानी, हिमाचली, भोजपुरी, तुलु आदि भाषाओं को संवैधानिक मान्यता देने हेतु भारतीय उच्चायोग के मंत्री समन्वयक दीपक चौधरी को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा गया। यह प्रयास न केवल राजस्थानी
बल्कि अन्य समृद्ध भारतीय भाषाओं के संरक्षण और उनके संवैधानिक अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
यह आयोजन भाषाई विविधता, संवाद और सांस्कृतिक समावेशिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ, जहाँ विभिन्न भारतीय भाषाओं की अनूठी अभिव्यक्ति और उनके महत्व को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया गया।
