Wednesday, April 8, 2026
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ठाकुर दास शर्मा की कविता – संवेदना के स्वर

मृतआत्माओंको मिले, हरि चरणों में स्थान।
सहन शक्ति परिजनों को,करे ईश्वर दान । ।
अन्तर की सम्वेदना,फूटबही चहुँ ओर।
आर्तनाद से गूँजता,धरती का हर छोर।।
धरती का हर छोर,विकल होते नर नारी।
धूँ धूँ जला विमान,पड़ा प्राणों पर भारी।।
ओम शान्ति की गूँज,उठे श्रद्धांजलि के स्वर।
भींगी है हर आँख,रुदन करता उर अन्तर। ।
शहर अहमदाबाद में, क्रैश हो गया यान।
यात्रीगण जलकर मरे, हुई कठिन पहिचान।
हुई कठिन पहिचान, शोक के बादल छाये।
विकल मनुज परिवार, आँख हर नीर बहाये।।
बारह जून पचीस, बड़ा बरसा गया कहर ।
दुर्घटना सन्देश,सुना रोता शहर शहर ।।

ठाकुर दास शर्मा
मु०सर्वोदय नगर मण्डीरोड
बाँदा, जिला बाँदा, उत्तर-प्रदेश
पिन 210001
मो 9452679957
सदस्य -उत्तर प्रदेश साहित्य सभा ,बाँदा
सदस्य- संस्कार भारती बाँदा
साहित्य विधा संयोजक
जिलाध्यक्ष -हिन्दी साहित्य भारती
  • प्रकाशित पुस्तकें -छंद वाटिका,छंद माहिया , फुलवारी बाल साहित्य,दोहा दर्पण,पंछी के दोहे,अशोक वाटिका में सीता माँ।
  • आकाश वाणी छतरपुर से प्रसारित अनेक रचनाएं व गीत,
  • विभिन्न साझा काव्य संग्रह मे प्रकाशित रचनाएं, विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित रचनाएं।
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