Monday, July 22, 2024
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वन्दना यादव का स्तंभ ‘मन के दस्तावेज़’ – मौका और मेहनत

कुछ लोग अपनी पसंद के क्षेत्र में मन लगाकर मेहनत करते हैं, और अपनी पहचान बनाते हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने अपने लिए लीक से हटकर नये रास्ते बनाए। सफलता पाने के लिए मेहनत दोनों तरीकों पर बराबर करनी होती है। इससे इतर कुछ अन्य लोग भी हैं जो तमाम उम्र मेहनत करते हुए बिता देते है। इसके बावजूद ना ही उन्हें वैसी पहचान मिलती है, और ना ही वह यश मिलता है जो पहली प्रकार के लोगों को हासिल हुआ है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि किसी के परिश्रम को आप अधिक या कमतर आंकना शुरू कर दें। कभी-कभी बात सही समय पर, सही लक्ष्य के लिए और सही रणनीति बना कर मेहनत करने की भी होती है। इससे भी बाजी पलट जाती है।
पिछले दिनों मैं एक फिल्म अभिनेता का इंटरव्यू देख रही थी। अनेक सवाल-जवाब के बीच, अभिनेता के दिये एक जवाब ने मुझे खासा प्रभावित किया। सवाल था, “आप बहुत सफल हैं। सफलता पाने के लिए आप क्या करते हैं?” 
अभिनेता ने जवाब दिया, “मेहनत करता हूँ।” 
एंकर ने पुन: पूछा, “सफल होने के लिए मेहनत तो सभी करते हैं। आपकी मेहनत में ऐसी क्या खास बात है?”
अभिनेता ने बिना एक पल गंवाए जवाब दिया, “सब लोग मौका मिलने तक मेहनत करते हैं, और मैं मौका मिलने के बाद और ज्यादा मेहनत करता हूँ।” शाहरुख खान की कामयाबी अपने आप में मिसाल है। उसके इस इंटरव्यू से सफल होने के लिए प्रयासरत लोगों को उनके जवाब मिल सकते हैं। 
अब आपके सामने स्थिति बिल्कुल साफ है। आपको मौका मिलने के इंतज़ार तक मेहनत करनी है या मेहनत को अपना स्वभाव बना लेना है, यह चुनाव आपका होगा। इसी तरह आप मौका मिलने तक मेहनत करेंगे अथवा मौका मिलने के बाद बेहतरीन परिणाम देने के लिए आप और अधिक मेहनत करने वाले हैं, यह चुनाव भी आपको ही करना है।
वन्दना यादव
वन्दना यादव
चर्चित लेखिका. संपर्क - [email protected]
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2 टिप्पणी

  1. बहुत बहुत बधाई वंदना जी.आपका लेखन आज मन को स्पर्श कर गया..दो तीन बार पढने के बाद लगा जैसे यह तो हमारे ही मन और जीवन की बातें हैं बहुत सहज भाव से आपने परिस्थितिजन्य. आचरण मानव स्वभाव का आकलन किया है.हालांकि विपरीत स्थितियो में मन को संतुलित कर पाना बिल्कुल आसान नहीं होता ..फिर भी हम कोशिश तो कर ही सकते हैं.कि सुख हो या दुख समभाव आचरण करें.यही सफलता का मूल मंत्र है .बहुत बहुत बधाई और शुभ कामनाए

    • पद्मा जी आपको कॉलम पसंद आया, यह जानना सुखद है। आपकी इस सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए आभार।

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