होमकविताआभा दवे की कविता - करवट कविता आभा दवे की कविता – करवट By आभा दवे July 13, 2024 1 340 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp बहुत खूबसूरत धरा है ये अंबर को छूती हुई लगे चारों दिशाएँ लगती सुहानी इसमें छुपी जन्मों की कहानी। देती है जीवन, लेती है जीवन कहती जग एक सुंदर उपवन फूल और काँटे खिलते यहाँ पे नैसर्गिक रूप से जुड़े सब नाते। वक्त करवट बदलता रहता सदा दिखाता रहता है अपनी ही अदा चलती न किसी की चतुराई यहाँ इससे बचकर सब जाएँ अब कहाँ। आभा दवे मुंबई संपर्क – [email protected] Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखडॉ बबीता काजल की लघुकथा – केनूलाअगला लेखडॉ. ऋतु वार्ष्णेय गुप्ता और मनु पाण्डेय का लेख – भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और मीराबाई आभा दवेसंपर्क - [email protected] RELATED ARTICLES कविता निज़ाम फतेहपुरी के दोहे October 3, 2026 कविता सीमा द्विवेदी की दो कविताएँ October 3, 2026 कविता निधि गुप्ता की कविता-घर आँगन October 3, 2026 1 टिप्पणी अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी! और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है। बधाईआपको। जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 शोध आलेख : हिन्दी ग़ज़ल का संक्षिप्त इतिहास एवं नवछंद विधान – हिंदकी March 22, 2020 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest निज़ाम फतेहपुरी के दोहे October 3, 2026 दीपक शर्मा की कहानी कुर्सी के कवि October 3, 2026 सीमा द्विवेदी की दो कविताएँ October 3, 2026 नीलिमा शर्मा की कहानी – लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पायी October 3, 2026 और अधिक लोड करें
अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी! और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है। बधाईआपको। जवाब दें
अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी!
और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है।
बधाईआपको।