होमकविताआभा दवे की कविता - करवट कविता आभा दवे की कविता – करवट By आभा दवे July 13, 2024 1 262 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp बहुत खूबसूरत धरा है ये अंबर को छूती हुई लगे चारों दिशाएँ लगती सुहानी इसमें छुपी जन्मों की कहानी। देती है जीवन, लेती है जीवन कहती जग एक सुंदर उपवन फूल और काँटे खिलते यहाँ पे नैसर्गिक रूप से जुड़े सब नाते। वक्त करवट बदलता रहता सदा दिखाता रहता है अपनी ही अदा चलती न किसी की चतुराई यहाँ इससे बचकर सब जाएँ अब कहाँ। आभा दवे मुंबई संपर्क – [email protected] Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखडॉ बबीता काजल की लघुकथा – केनूलाअगला लेखडॉ. ऋतु वार्ष्णेय गुप्ता और मनु पाण्डेय का लेख – भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और मीराबाई आभा दवेसंपर्क - [email protected] RELATED ARTICLES कविता अरुण शीतांश की कविताएँ May 2, 2026 कविता डॉ. कृष्ण कन्हैया के मुक्तक May 2, 2026 कविता कमलेश कुमार दीवान की कविताएं May 2, 2026 1 टिप्पणी अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी! और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है। बधाईआपको। जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 पुस्तक समीक्षा – डॉ अरुणा अजितसरिया एम बी ई April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest शादी का ख़र्चा मोटा… शरीर पतला…! May 9, 2026 कथाकार विनिता बक्शी के उपन्यास ‘बिंदु का दायरा’ पर पुस्तक-परिचर्चा May 2, 2026 संपादकीय – ख़ून चूसने में भी नख़रा… May 2, 2026 अरुण शीतांश की कविताएँ May 2, 2026 और अधिक लोड करें
अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी! और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है। बधाईआपको। जवाब दें
अच्छी व सकारात्मक कविता है आपकी आभा जी!
और आपकी कविता सी ही प्यारी आपकी मुस्कान भी है।
बधाईआपको।