Wednesday, February 11, 2026
होमसाहित्यिक हलचल'शिवना नवलेखन पुरस्कार' 2024 की घोषणा

‘शिवना नवलेखन पुरस्कार’ 2024 की घोषणा

‘शिवना नवलेखन पुरस्कार’ 2024 की घोषणाः रश्मि कुलश्रेष्ठ और शुभ्रा ओझा की साहित्य में दस्तक
डॉ. परिधि शर्मा का कहानी संग्रह और डॉ. अनन्या मिश्र के संस्मरण अनुशंसित।
सीहोर। साहित्य के क्षेत्र नए लेखकों की आमद साहित्य को समृद्ध करती है। शुक्रवार को शिवना के नवलेखन पुरस्कारों की घोषणी हुई। जिसके जरिये चार नए लेखकों ने साहित्य के क्षेत्र में दस्तक दी। शिवना नवलेखन पुरस्कार को शुरू करने की पहल समिति की अध्यक्ष सुधा ओम ढींगरा ने शिवना साहित्य समागम में की थी। जिसके बाद शिवना प्रकाशन के संचालक शहरयार ने पुरस्कार के लिए युवा लेखकों की पांडुलिपियाँ आमंत्रित की थीं। नवलेखकों ने बड़ी संख्या में अपनी पांडुलिपि सीहोर कार्यालय में शहरयार, इंदौर में ज्योति जैन, खंडवा में शैलेन्द्र शरण, दिल्ली में पारुल सिंह और अमेरिका में चयन समिति की अध्यक्ष सुधा ओम ढींगरा को भेजी। जिसके बाद चयन समिति ने पुरस्कार के लिए पांडुलिपियों में से चयन किया। ‘शिवना नवलेखन पुरस्कार’ 2024 के लिए रश्मि कुलश्रेष्ठ के उपन्यास ‘शेष रहेगा प्रेम’ और शुभ्रा ओझा के कहानी संग्रह ‘आख़िरी चाय’, को संयुक्त रूप से घोषित किया गया। इन्हें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2025 में पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही नवलेखकों की ‌किताबों का विमोचन लेखक मंच पर विश्व पुस्तक मेले में ही किया जाएगा। 
पुरस्कृत लेखकों के साथ ही दो लेखकों की किताबों को समिति ने अनुशंसित भी किया है। जिसमें डॉ. परिधि शर्मा का कहानी संग्रह ‘प्रेम के देश में’ और डॉ. अनन्या मिश्र का संस्मरण ‘कही अनकही’ शामिल है। अनुशंसित किताबों का विमोचन भी विश्व पुस्तक मेले में ही किया जाएगा। शुक्रवार को घोषणा ऑनलाइन की गई। जिसमें नामों की घोषणा समिति अध्यक्ष सुधा ओम ढींगरा ने की किताबों के बारे में ‌‌विस्तार से साहित्यकार पंकज सुबीर ने चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन आकाश माथुर ने किया।
आकाश माथुर
मी​डिया प्रभारी
मोबाइल 7000373096
RELATED ARTICLES

1 टिप्पणी

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Most Popular

Latest