आदरणीय सम्पादक महोदय सादर नमस्कार. कार्यक्रम रिपोर्ट सादर प्रेषित है.**साहित्यिक संस्था हिंदी की गूँज का 13वाँ वार्षिकोत्सव और सम्मान समारोह आयोजित *** सूर्यकांत शर्मा को साहित्यकार सम्मान 2025 से अंंलकृत किया गया.** राजकरण सिंह भारतवादी के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया*# देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था हिन्दी की गूंज ने अपना 13वाँ वार्षिकोत्सव हिंदी भवन के सभागार में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह माँ हिंदी के लिए सम्मान का दिन रहा, जब संस्था ने अपने तेरहवें वार्षिकोत्सव में पूरे सभागार को हिंदीमय बना दिया । भावना अरोड़ा की सरस्वती वंदना से प्रारंभ कार्यक्रम अंत तक जीवंत रहा । कार्यक्रम की अध्यक्षता जनार्दन मिश्र ने की। वहीं मंचासीन अतिथियों में सुभाषचन्द्र कानखेडिया, डॉ. रवि शर्मा मधुप, साहित्यकार श्याम सुशील ने संस्था के उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा की।

खेमेन्द्र सिंह और डॉ वर्षा सिंह का संचालन उत्कृष्ट रहा, उन्होंने पूरे कार्यक्रम को निश्चित समय सीमा में बांधते हुए कार्यक्रम को रसमय बनाते हुए अपनी संचालन प्रतिभा का परिचय दिया । शशि प्रकाश ने अपने वक्तव्य में संस्था की विकास यात्रा का परिचय देते हुए गागर में सागर भर कर दर्शकों में संस्था के प्रति आदर भाव जगाया, वहीं लौह कुमार ने हिंदी को रोजगार से जोड़ने के मंत्र से हिंदी को सम्मानित किया। कार्यक्रम को रसमय बनाने के लिए माधुरी शर्मा , रमेश गंगेले, महिपाल सिंह, डॉ. रानी गुप्ता, डॉ विनोद चौहान प्रसून और तरुणा पुंडीर द्वारा प्रस्तुत गीत, ग़ज़ल और कविताओं की प्रस्तुति अविस्मरणीय रही। काष्ठ शिल्पी जीवन जोशी द्वारा हिंदी की गूंज संस्था के लिए प्रस्तुत कलाकृति की सराहना सभी ने मुक्तकंंठ से की गई ।

