होमकवितारश्मि बजाज की कविताएँ कविता रश्मि बजाज की कविताएँ By रश्मि बजाज May 4, 2019 1 867 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp रश्मि बजाज 1. कहत कबीरन जब हरसू बरसती हों कातिलाना नफ़रतें तो प्रेम पर कविता लिखना रूमानियत नहीं बगावत है! ये बगावत मेरे दौर की लाज़मी ज़रूरत है! 2.पैरहन उस रात मनु,मार्क्स अल्लाह,राम के पैरहन उतार टांग दिये थे जब हमने खूंटी पर- तो जिस्म ही नहीं महक उठी थीं हमारी रूहें भी… 3.नही है ज़िन्दगी की किताब में महका करते हैं वही हरफ़,वही वरक जो लिखे गए हैं प्रेम की स्निग्ध लिपि में ज़िन्दगी नहीं है पंचनामा इतिहास या राजनीति का ! 4. जुर्रत ग़मज़दा इस दौर में हंसने-हंसाने की नाचने-गाने की जश्न मनाने की ख्वाब सजाने की प्यार लुटाने की एक फ़क़त औरत कर सकती है ये ज़ुर्रत संगीनों के सायों में हादसों की ज़द में लम्हा-लम्हा मर कर लम्हा-लम्हा जी कर जानी उसी ने है ज़िन्दगी की क़ीमत! Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखये ब्रेक्सिट ब्रेक्सिट क्या है – अरुण सभरवालअगला लेखराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन आगरा में संपन्न…. रश्मि बजाजलेखिका कवि व समालोचक हैं। RELATED ARTICLES कविता नरेंद्र कौर छाबड़ा की कविता – नदी की व्यथा February 22, 2026 कविता रेखा भाटिया की कविताएँ February 22, 2026 कविता विजया ठाकुर की कविता – सावन के जादू February 22, 2026 1 टिप्पणी शानदार कविताएँ । जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 पुस्तक समीक्षा – डॉ अरुणा अजितसरिया एम बी ई April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest नरेंद्र कौर छाबड़ा की कविता – नदी की व्यथा February 22, 2026 रेखा श्रीवास्तव का लेख – वर्चुअल ऑटिज्म ! February 22, 2026 प्रो. प्रवीण कुमार अंशुमान का लेख – घातक सिद्ध हो सकती है जाति आधारित ध्रुवीकरण के बीच संवाद-शून्यता February 22, 2026 तरुण कुमार द्वारा ‘द फ़्यूनरल सर्विस’ कहानी की समीक्षा : मृत्यु का सांस्कृतिक विमर्श February 22, 2026 और अधिक लोड करें
शानदार कविताएँ ।