Wednesday, February 11, 2026
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अर्चना चतुर्वेदी की चुटकी – नेता किसम किसम के

मोहल्ले के सारे ठलुए नुक्कड़ की पान की दुकान पर रोज की तरह बातें बघार रहे थे… अरे बाते भी क्या वही रोज का फेवरिट टोपिक यानि पोलिटिक्स और नेता | इस विषय पर यानि राजनीति की बातें करना इन्हें सबसे ज्यादा पसंद है और बात तो ऐसे करते हैं मानो देश ये ही चला रहे हों और सर्वज्ञानी हों |
ये बातें बहस में कब बदलती हैं ये तो पता नहीं अचानक रम्मू बोला ये नेता ……सब एक से होते हैं ………..देश का बंटाधार करके ही मानेंगे |
“ना जी सब नेता एक से कतई ना होते” रज्जन बाबू ने अपना ज्ञान दर्शाया
“तू ने बड़ी नेताओं पर पी एच डी कर रखी है सो बोल रहा है” रम्मू तमका 
पी .एच .डी ना करी तौ का, हम रोज अखबार तो पढ़ते ,टी वी भी देखते हैं, सो हमें पता है, नेता अलग अलग प्रकार के होवें,तुम में से कोई बता सके कि नेता कित्ते प्रकार के होवें ? रज्जन बाबू दार्शनिक अंदाज में बोले..
 
“लो कल्लो बात ,नेता भी कोई साग भाजी हैं सो इनके आकार –प्रकार बताएं, तू तो पगला गया है रज्जन” कल्लन मियां ने ठुल्लयी की |
देखो कल्लन मियां, तुम्हारी है जनरल नालेज कुछ कम, तुम्हे नहीं पता तो बोल दो हम बताते हैं | देखो भई नेताओं के आकार भले ही एक से दीखते हों पर ,हरकतें और सोच एक दम अलग सो इनके अनेक प्रकार हैं” रज्जन बाबू फुल कांफिडेंस से अपना ज्ञान दिखा रहे थे |
उनका ये अंदाज देख कर सब चुप्प एक दूसरे का मुहं ताकने लगे फिर कल्लन मियां ही बोले,
“चल रज्जन तू ही बता ,जरा हम भी तो जाने कित्ते प्रकार के नेता होवें?”
रज्जन जी गुब्बारे से फूले, कपडे ठीक किये, शरीर थोड़ा तना, गर्दन थोड़ी अकड़ी और किसी मास्टर जी की तरह बोलना शुरू किया | देखो भई नेताओं के कुछ खास प्रकार या किस्मों के बारे में बता दूँगा, पर किसी नेता का नाम नहीं लूँगा यानि उदाहरण नहीं दूँगा,वो तुम अपने आप सोच लेना कौन सा है ? मैंने सब बता दिया तो तुम्हारा ज्ञान वर्धन तो कभी ना हो पाएगा |
सब ने अपनी गर्दन हिलाकर अच्छे विधार्थी वाले गुण दिखाए 
चुप्पे नेता – ये वो नेता होते हैं जो कित्ते भी बड़े पद पर हों ,और कित्ती भी बड़ी समस्या हो तो भी अपना मुहं ना खोलते चुप ही रहते हैं | बहुत ही विकट परिस्थति होगी तो रटी रटाई एक लाइन बोल देंगे “ हमें बहुत अफ़सोस है टाइप 
घुमंतू नेता-  इन्हें सरकारी पैसे पर विदेश घूमने का शौक होता है | फिर चाहे कोई इनके बारे में कुछ भी कहे कोई फर्क नहीं पड़ता |
बडबोले नेता – ये नेता हमारे देश में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ये कहीं भी कुछ भी बोलने के लिए प्रसिद्ध होते हैं कुछ को तो ओरल डाइरिया यानि मौखिक दस्त की बिमारी है जो सिर्फ बोलते ही रहते हैं और इसी वजह से जाने जाते हैं |
रंगीन नेता – कपडे भले ही सफ़ेद पहनें पर हरकतें रंगीन करेंगे, फिर चाहे स्टिंग आपरेशन हो चाहे पकडे जाने के डर से किसी कन्या की जान लेकर जेल चले जाएँ पर अपनी रसिया गिरी नहीं छोड़ते | आजकल ये वाला प्रकार भी बहुतायत पाया जाता है | और तो और कभी कभी ९० की उम्र में भी जवान बेटे के पिता बन जाते हैं |
घोटाले बाज नेता — आजकल ये नेता बहुत अधिक हो चुके हैं ये इतने पहुंचे हुए होते हैं कि कहीं भी कभी भी बड़ा घोटाला कर सकते हैं और तो और घोटाले करके भी सीना ताने घूमते हैं कोई इनका कुछ नहीं कर पाता |
क्यों भई अब समझे नेता कित्ते प्रकार के होते हैं ? रज्जन बाबू बोले 
“हाँ भई रज्जन तुम तो बड़े ज्ञानी निकले ,अरे अब तो हम भी बता सकें इनकी और भी किस्में होती हैं” कल्लन मियां बोले |
हाँ हाँ आज मैंने बता दिया है, कल तुम सब नेता के एक एक प्रकार के बारे में बताना” रज्जन ने मास्टरी झाड़ी |
“हाँ हाँ चलो भाई, बड़ी देर हो गयी कल हम भी बताएँगे” सब एक स्वर बोले और अपने अपने घर की तरफ चल दिए
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