मैट हैनकॉक की घटना से भारतवासियों को पश्चिमी देशों के जीवन और सोच की जानकारी हासिल हो सकती है। यहां एक मंत्री जो कि विवाहित है फिर भी अपनी सहयोगी के साथ शारीरिक रिश्ते बनाता है। जब उसकी प्रेम-क्रिया कैमरे में क़ैद हो जाती है, वह अपनी पत्नी से अलग होने का फ़ैसला सुना देता है। समाज को उसके निजी जीवन में कोई रुचि नहीं है।यदि भारत में ऐसा होता तो दुहाई नैतिकता की दी जाती मगर यहां ब्रिटेन में मंत्री पर पुलिस केस किया जाता है कि उसने देशवासियों के लिये बनाए गये अपने ही नियम तोड़े हैं इसलिये उसे दण्डित किया जाना चाहिये। और सुरक्षित दूरी के अपने नियम का पालन न करने के कारण उसे मंत्री पद से त्यागपत्र देना पड़ता है। लगता विचित्र है… किन्तु है सत्य।
भारतीय मूल का होने के कारण, मुझे ब्रिटेन की राजनीतिक हलचल कई बार परेशान कर देती है। इस बार तो बहुत बुरी तरह से हैरान कर गयी है। मैट हैनकॉक, जिसने पूरे कोरोना काल में प्रधानमंत्री बॉरिस जॉन्सन के कंधे से कंधा मिला कर स्थितियों का सामना किया, उसे अपने दफ़्तर में अपनी सहायिका जीना कोलाडेंजेलो को होंठों पर किस करने के आरोप में त्यागपत्र देना पड़ गया।
चार घन्टे के भीतर ही पूर्व वित्त एवं राजस्व सचिव साजिद जाविद को स्वास्थ्य मंत्रालय का पदभार सौंप दिया गया। वे गृहमंत्री के पद पर भी ज़िम्मेदारी निभा चुके हैं।
ज़ाहिर है कि ख़बर सनसनीख़ेज़ है और यदि ऐसा कोई मामला भारत में होता तो रोज़ाना मसालेदार और चुटीले टीवी चैनल अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ रसीली बहस कर रहे होते। राजनीतिक दलों के प्रवक्ता चिल्ला चिल्ला कर आदर्शों की दुहाई दे रहे होते। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता की दुहाई दी जाती। कोई कहता, “भाई लौण्डा है, लौण्डों से तो ग़लती हो जाती है।”
सन नामक समाचार पत्र में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार 42 वर्षीय कंजर्वेटिव नेता को सीसीटीवी कैमरे से प्राप्त चित्र में अपने कार्यालय में अपनी सहायक जिना कोलाडैंगलो (43) का चुंबन लेते हुए देखा गया था। कोलाडैंगलो हैनकॉक की पुरानी मित्र और सहयोगी हैं। यहां भी एक बात ध्यान देने लायक है कि सीसीटीवी कैमरे का रुख़ दरअसल शीशे के दरवाज़े की तरफ़ रहता था। किसी जानकार ने कैमरे का रुख़ बदल कर दूसरी तरफ़ कर दिया था।
मैट हैनकॉक ने चुंबन लेने की बात स्वीकार की थी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन को लिखे अपने पत्र में हैनकॉक ने कहा कि सरकार उन लोगों की ऋणी है जिन्होंने इस महामारी में बहुत कुछ खोया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने घर से बाहर रहने पर सामाजिक दूरी का पालन करने के सरकारी नियमों का उल्लंघन करने पर दोबारा माफी मांगी।



सम्पादकीय सचमुच ख़ास है ,निजी जीवन अपनी जगह और कानून और अनुशासन अपनी जगह ।
भारत में भी ऐसा होने लगे तो ,मीडिया के पास खबरों का अभाव हो जाएगा
Prabha mishra