होमकविताकल्पना मनोरमा के प्रभु राम पर केंद्रित दोहे कविता कल्पना मनोरमा के प्रभु राम पर केंद्रित दोहे By कल्पना मनोरमा January 6, 2024 1 359 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp राम एक विश्वास हैं, नहीं धर्म का नाम। जो ध्याता जैसे उन्हें, दिखते वैसे राम।। 1 रीति नीति पर चले थे, रघुकुल दीनानाथ। पूजक केवल देखता, रघुनंदन का हाथ।। 2 वनवासी हो राम ने,जंगल किया सनाथ। शबरी,बाली को मिले, प्रेमी भ्राता साथ।। 3 मर्यादा टिकती तभी,जब हो त्यागी वीर, कौशल्या के राम ने, मन में साधा धीर।।4 रामलला के भवन में, उतरेंगे राकेश बिजनी डोले पवन उड़, मुस्काए शैलेश।।5 हा लक्ष्मण! हा राम रे! कहां गए तुम लोग। मन चातक रट रट मरा, जीवन जैसे घोग।।6 राम नाम का बोलना, राम नाम की आस। त्याग तपस्या लगे जो, राम बसे हैं पास।। 7 जनम सफ़ल होगा तभी, जब आएगा धैर्य। सीख लिया जो धैर्य को, मन आए स्थैर्य।। 8 मर्यादा में डटे थे, रघुकुल आनंदकंद जिसने देखा कह उठा, पुष्प बीच मकरंद।।9 राम लला मां जानकी,लक्ष्मण प्यारे तात। दशरथ जैसे विटप पर, लगते ऐसे पात।। 10 सिया सलौनी चल पड़ीं, महल अटारी छोड़ कंचन मृग मरीचिका, पाई अंधे मोड़।।11 दशरथ के सुत चार हैं, कौशल्या सुत एक राम बिना उनको मिले, दुख के रूप अनेक।।12 रची न होती ऋषी ने, राम कथा अनमोल कैसे मिलता जगत को, मर्यादा का मोल।।13 तुलसी ने रुचि रुचि लिखा, चरित राम मकरंद कामी क्रोधी जो पढ़े, पा जाए आनंद।।14 अविरल धारा सत्य की, बहती सरयू संग रघुकुल में शामिल हुए, सात्विक गुण सारंग ।।15 – कल्पना मनोरमा – संपर्क – [email protected] Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखलेखक का क़द उसकी पुस्तकों से बड़ा नहीं होना चाहिए – पंकज सुबीरअगला लेखडॉ. मीना घुमे ‘निराली’ की तीन कविताएँ कल्पना मनोरमासंपर्क - [email protected] RELATED ARTICLES कविता सूर्यकांत शर्मा की कविता-हिंदी हूँ मैं.. September 5, 2026 कविता अन्नदा पाटनी की रचनाएँ September 5, 2026 कविता कृष्ण कुमार गुप्ता की कविताएँ September 5, 2026 1 टिप्पणी बहुत सुंदर दोहे , जय सिया राम जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 और अधिक लोड करें Latest हिंदी व संस्कृति की वैश्विक ध्वजवाहक : डॉ. अनुराधा पांडेय September 12, 2026 और कितने कुमारगिरी… September 12, 2026 प्रवासी साहित्य सृजन का संसार – एक संघर्ष गाथा September 5, 2026 मछली जल की रानी है …… September 5, 2026 और अधिक लोड करें
बहुत सुंदर दोहे , जय सिया राम