वी आर एस
भावनाओं के आगोश में लिपटी हुई
चालीस की आयु को पर करने वाली
स्त्री सहसा बोल पड़ी,
हार्मोन्स इंबैलेंस होने लगे हैं
थकान महसूस होने लगी है,
कुछ बदलाव की जरूरत है।
तभी घर से उत्तर मिला
अब तुम काम नहीं कर सकतीं
तुम समझदार हो
घर को
रेजिगनेशन दे देना चाहिए
भावनाओं में बहने वाली स्त्री को
तब ही पता चला, अब तक
वह अपने ही घर में
नोकरी कर रही थी।
सप्तपदी के फेरे मैं VRS का
कोइ कमिटमेंट किया ही नहीं
तो अब ???
- हीना मोदी, सूरत
