Wednesday, June 12, 2024
होमकविताकमलेश भट्ट कमल के कुछ हाइकु

कमलेश भट्ट कमल के कुछ हाइकु

हर जगह
वुहान ही वुहान
हे भगवान !

दोनों बड़े हैं
कोबिड व गोविन्द
दोनों अड़े हैं !

कोरोना काल
दुखान्त फिल्म का शो
विश्व-मंच पे !

क्यों रे विहान
बना डाले तूने क्यों
इतने वुहान ?

हो चली है क्यों
कोरोना कालरात्रि
इतनी लम्बी ?

रुकें,न रुकें
कोरोना के बाद भी
जग के आँसू !

दयानिधान
कहाँ है तेरी दया
खोजे जहान !

इतने शव
देखे हैं क्या पहले
तूने केशव ?

थू है विहान
तेरी मुट्ठी में भी क्यों
सिर्फ़ वुहान ?

लहूलुहान                      
डॉलर यूरो रूबल
पौंड युवान !

कैसा तांडव
आंँखों ने देखे बस
शव ही शव !

जीतने तक
हार जाएगा सारा
जग बेचारा !

हाथ धोना है
वर्ना जीवन से ही
हाथ धोना है !

कोरोना क्रुद्ध
भूमिगत हैं सारे
देव प्रबुद्ध !

शिकार पर
निकला है कोरोना
कोई रोको ना !

ये भी होना है
कोरोना के बाद भी
भोर होना है !

यदा यदा हि..
तूने कहा था कृष्णा
याद तो है ना ?

कमलेश भट्ट कमल
कमलेश भट्ट कमल
संपर्क - kamlesh59@gmail.com
RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Most Popular

Latest