1.
ख़ुदा कुछ पल सुकून के हों,ऐसे हालात कर देना,
हों आँखों में अगर आँसू तो तू बरसात कर देना।
समय मुश्किल भरा जीवन में मेरे जब कोई आये,
करूँ हिम्मत से उसका सामना मेरी औक़ात कर देना।
न पहुँचे मेरे वचनों से, किसी के दिल को दुःख कोई,
मेरे दिल के हमेशा कोमल यही जज़्बात कर देना।
हो सकूँ ख़ुशी से शामिल हर किसी की ख़ुशियों में,
मेरे जीवन के हरदम ऐसे हसीन लम्हात कर देना।
बना रहे हमेशा हाथ सर पर बुजुर्गों की असीसों का,
इस जीवन में बस ये एक, क़ीमती सौग़ात कर देना ।
2.
समय की धारा में
यह साल भी बह गया,
बहुत कुछ अधूरा सा,
अनकहा-सा रह गया।
क्या करूँ बयां लफ़्ज़ों में
सफ़र-ए-ज़िन्दगी,
संग तेरे जो जिया, नज़रों में
नज़ारा वो ठहर गया।
लगे है बोझ अब भारी
अरमानों की गठरी का,
दर्द-ए-गम, जिन्दगानी के हर
सितम, दिल ये चुपचाप सह गया।
लो समेटो अब, अनंत
चाहतों की हैं ये चहचहाहटें,
सांध्य वेला है, परिंदों का
कलरव यह कह गया।
प्रिय सुमन जी बहुत उम्दा ग़ज़ल,बहुत ही शानदार अशआर
खुद कुछ पल सुकून के हों ऐसे हालात कर देना,
जो आंखों में आंसू आए तो बरसात कर देना ।
दूसरी रचना भी सुंदर
समय की धारा में यह साल भी बह गया
जो जिया तेरे संग आंखों में वो नजारा रह गया