विश्व मैत्री मंच का नौवाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन - एक रिपोर्ट 3पिरामिड के देश मिस्र में विश्व मैत्री मंच का नौवाँ अंतररार्ष्ट्रीय सम्मेलन

 

मिस्र की राजधानी काहिरा स्थित  पिरामिड पार्क में अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था विश्व मैत्री मंच का नौवाँ सम्मेलन 30 नवंबर 2018 को डॉ सी. वी .रमन विश्वविद्यालय ,पटना के कुलाधिपति श्री विजय कांत वर्मा के मुख्य आतिथ्य एवं आगरा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुषमा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्था की अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने  प्रमुख अतिथियों का स्वागत  स्मृति चिन्ह से करते हुए अपने स्वागत भाषण में पर्यटन के महत्वपूर्ण पक्षों  पर प्रकाश डाला ।

सम्मेलन में परिचर्चा के विषय ‘साहित्य में अनुवाद ‘के महत्व को लक्ष्य करते हुए विद्वानों ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए।  डॉ विद्या सिंह (प्रो. देहरादून महाविद्यालय)  ने विभिन्न भाषाओं में अनुवाद के महत्व को परिभाषित किया। प्रमुख वक्ता डॉ ज्योति गजभिए,  डॉ प्रणव शास्त्री, डॉ क्षमा पांडे एवं पूनम तिवारी ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लिखे जा रहे साहित्य तथा विदेशी साहित्य को लेकर अनुवाद की भूमिका का मूल्यांकन किया।अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ सुषमा सिंह ने कहा कि “भ्रमण हमारे अनुभवों को समृद्ध करता है ।विश्व मैत्री मंच से जुड़कर और उसकी गतिविधियों का व्यापक विस्तार देख कर मुझे महसूस होता है  कि यह हमारी सृजनात्मक प्रतिभा के विकास में अत्यंत सहायक है ।”

रानी मोटवानी  तथा रेखा कक्कड़ की पुस्तकों का विमोचन इस दौरान हुआ । मधु सक्सेना ने “गांव की धोबन की” एकल नाट्य प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में विशिष्ट अतिथि डॉ प्रमिला वर्मा , सुनीता राजपाल और  माला गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

सम्मेलन के तीसरे दिन नाइल क्रूज में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें डॉ ज्योति गजभिए की अध्यक्षता में  24 कवियों ने कविता पाठ कर लाउंज में उपस्थित अन्य देशों से आए पर्यटकों को भी मंत्रमुग्ध कर लिया। इस विशेष कवि सम्मेलन का संचालन बेहद रोचक तरीके से अंजना श्रीवास्तव एवं उमा तिवारी ने किया।

प्रस्तुति

संतोष श्रीवास्तव

 

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