Tuesday, October 27, 2026
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कृष्ण कुमार गुप्ता की कविता- रामराज्य

समय आ गया सभी करें आराधना राम की
मानव जीवन में लायें नित आत्मिक सुधार
अखंड भारत की अलख अब घर घर जगायें
तब रामराज्य परिकल्पना हो सकेगी साकार

राम का राज्य ऐसे ही न बना था रामराज्य
पिता का वचनों को राम ने शिरोधार्य किया
लक्ष्मण ने राम को था आधार स्तंभ माना
सीता ने सुख़ छोड़ कर पति का साथ दिया

भारत की युवा शक्ति अब जग गई है आज
पूरी दुनिया में ये एक नया इतिहास रचायेंगे
प्रेम के दीपक जला कर दिलों में उजाला भर
जग में भाईचारा बढ़ा कर भेद भाव मिटायेंगे

सत्य मर्यादा का मधुर संगीत अब रहे गूँजता
हर ओर न्याय घर घर धर्म ध्वजा सजती रहे
मिटे नफ़रत मन की और हो समता का भाव
चहुँ ओर सद्भावना की प्यारी धुन बजती रहे

झूठ लोभ व क्रोध से आज जकड़ा हर इंसान
न मान रहा न ही मर्यादाओं का होता विचार
बात बात पर कर देता एक दूजे का अपमान
आधुनिकता की आड़ में मिटते हमारे संस्कार

मेहनत का फल न मिलने से किसान है दुखी
अनैतिकता आतंक का बढ़ रहा अब अत्याचार
खुशहाल भारत में बच्चे भूख से बिलबिला रहे
द्रौपदी आज चीख रही कर रही है करुण पुकार

सुख दुख दो पहलू बन गये अच्छे बुरे का खेल
अपने अंदर के रावण का हम मिलके करें संहार
बुराई का अंत करके जब सत्य का शासन होगा
तभी सब देशवासियों के सपने हो सकेंगे साकार

कृष्ण कुमार गुप्ता
पुणे, महाराष्ट्र
+91 8080781726

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