आज मन खुशी से चिहुंक रहा है
पौ फटते ही चिड़ियों की चहचहाहट
मानो शुभ संदेश दे रही है
हर पल नई आवाज की चहक
कानों को नया सुख देती
और एहसास कराती है
यहां एक दो नहीं
अनेक प्रजातियों की चिड़ियां
अपनी सुमधुर तान छेड़ रही हैं
वातावरण को खुशनुमा
सकारात्मक बनाती मनुष्यता पर
उपकार कर रही हैं
सामने के फ्लैट की छत पर
चिड़ियों का झुंड आ पहुंचा है
कुछ फुदक रही हैं
कुछ ची ची चू चू की
सुरीली तान छेड़ रही हैं
धूप की तपिश से
बेहाल भी हो रही हैं
मैंने अपने बरामदे में
ठंडे पानी से भरी
मिट्टी की हंडिया रख दी है
साथ ही कुछ दाने भी
अभी-अभी चिड़ियों के झुंड से
तीन-चार चिड़ियां
मेरे बरामदे में आ पहुंची हैं
कोई दाना चुगने में व्यस्त
कोई पानी में चोंच मारती
कोई पानी में लोटपोट
पंखों को झटकती
ठंडक राहत महसूस करती है
पानी पीती चिड़िया को देख
मुझे अपना हलक
गीला महसूस होने लगा है
उन्हें दाने चुगते देख
मन तृप्त हो गया है
लगता है भीतर की
मनुष्यता प्रेम करुणा को
जगा दिया है
इन मूक निश्छल परिंदों ने
बुलबुलों गौरैयों मैनाओं के
शुक्रगुजार बनें
जो सिखाती हैं
हर हाल में चहकना
सुरीले गीत गाना
खुश हो जाती हैं
कटोरा भर पानी और
मुट्ठी भर दानों से
और फिर फिर लौटती हैं
हमारी छतों पर
हमारा धन्यवाद करने
- नरेंद्र कौर छाबड़ा
मो. 9325261079
