Monday, July 22, 2024
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डॉ. रूबी भूषण की ग़ज़ल

रंग बिखरे हुए फ़िज़ा में हैं
हम मुहब्बत की इंतेहा में हैं
हम को छेड़े न कोई दुनिया में
इश्क़ की मदभरी सज़ा में हैं
महकी जाती हैं अपनी सांसें भी
खिलती कलियों की हम दुआ में हैं
ढूंढते हैं वफ़ाओं की मंज़िल
राज़ सारे तो नक़्श ए पा में हैं
आप से बस दुआएं चाहती हूं
आप शामिल मेरी दुआ में हैं
प्यार करना तो कोई जुर्म नहीं
कौन सी हम बड़ी ख़ता में हैं
कोई नफ़रत न रूबी बांट सके
हम मुहब्बत भरी फ़िज़ां में हैं

डॉ रूबी भूषण
102, शिवराज अपार्टमेंट,
ईस्ट बोरिंग कैनल रोड,
पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप,
पटना-800001
मोबाइल – +91-9931918723
Email – [email protected]
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