एस आर हरनोट के रचनाकर्म पर दो पत्रिकाओं के विशेषांक…
यह अत्यंत सुखद सूचना है कि एस आर हरनोट के अबतक के साहित्यिक व सांस्कृतिक योगदान पर दो साहित्यिक
अन्य वक्ताओं में कविकुंभ की संपादिका व गजलकार रंजिता सिंह फलक और शिक्षक लेखक जगदीश बाली ने भी संक्षिप्त
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पत्रिकाओं के विशेषांक प्रकाशित हुए हैं और शिमला में उनके लोकार्पण और परिचर्चाएं भी दो भव्य आयोजनों में सम्पन्न हुई है।
जानी मानी लेखिका और अनुवादक
रूप में अपनी बात रखी। हरनोट जी के गांव व पंचायत चनावग से पधारे दूरदर्शन व आकाशवाणी शिमला के एंकर तथा लोक कलाकार जगदीश गौतम ने हरनोट के ग्रामीण सरोकारों पर अपना वक्तव्य दिया। इस आयोजन में हरनोट पर पहली शोध छात्रा और वर्तमान में हिंदी की सहायक प्रोफेसर
हरनोट जी की रचनाधर्मिता पर सेतु पत्रिका व कविकुंभ का सराहनीय कार्य। सच किसी भी साहित्यकार का मूल्यांकन उसके जीते जी होना ही चाहिए। साधुवाद!
इस सार्थक टिप्पणी के लिये धन्यवाद अनिता जी।