“इंडिया बियॉन्ड बॉर्डर्स – ए पैट्रियॉटिक ट्रिब्यूट बाय ग्लोबल इंडियन डायस्पोरा टू भारत” का भव्य आयोजन 5 अगस्त 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में लिटरेरी इंटेलेक्ट्स एंड पोएट्स ऑफ इंडियन ओरिजिन (लिपी) यूरोप द्वारा आयोजित किया गया।
लिपी यूरोप एक अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था है, जो भारत और विश्व भर में बसे भारतीयों के बीच साहित्य, संगीत, भाषा और संस्कृति के माध्यम से संवाद एवं सांस्कृतिक सेतु निर्माण का कार्य कर रही है। संस्था के मार्गदर्शक (Mentors) लंदन निवासी तेजेन्द्र शर्मा एम.बी.ई. तथा पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा हैं। कार्यक्रम के दौरान तेजेन्द्र शर्मा एम.बी.ई. का विशेष वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वैश्विक भारतीय समुदाय को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रयास बताया।
कार्यक्रम की संकल्पना जर्मनी निवासी एवं उत्तराखंड मूल की वैज्ञानिक, साहित्यकार, गीतकार और सांस्कृतिक क्यूरेटर डॉ. योजना साह जैन ने की। इसका उद्देश्य विश्व भर में बसे भारतीयों और भारत के बीच संगीत, साहित्य एवं संस्कृति के माध्यम से भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त करना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल थे। विशिष्ट अतिथियों में सांसद रमेश अवस्थी, पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, मारवाह स्टूडियोज़ के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के वरिष्ठ निदेशक श्री सुनील सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सह-संयोजन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ओ. पी. यादव ने किया।
इस अवसर पर डॉ. योजना साह जैन द्वारा लिखित, संगीतबद्ध, निर्देशित एवं निर्मित देशभक्ति गीत “मन जन गण मन गाएगा” के आधिकारिक संगीत वीडियो का लोकार्पण किया गया। यह गीत लगभग ढाई वर्ष की मेहनत का परिणाम है। इसकी मूल कविता वर्ष 2020 में लिखी गई थी, जिसे बाद में अनेक भारतीय दूतावासों, कवि सम्मेलनों और साहित्यिक मंचों पर प्रस्तुत किया गया। इसी कविता को आगे चलकर एक ऐसे गीत का रूप दिया गया, जो विश्व भर में बसे भारतीयों की मातृभूमि के प्रति भावनात्मक जुड़ाव को अभिव्यक्त करता है।
गीत को डॉ. योजना साह जैन, सागर डीआर और कौशिकी खौंड ने स्वर दिए हैं। वीडियो में 42 कलाकारों तथा विश्वभर से जुड़े अनेक सहयोगियों ने सहभागिता की है। इसकी शूटिंग मुख्य रूप से बर्लिन (जर्मनी) में हुई, जबकि यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, दुबई और आबुधाबी सहित अनेक देशों से भी दृश्य भेजे गए। वीडियो में बड़ी संख्या में बच्चों की भागीदारी है तथा भारत की 12 शास्त्रीय एवं लोक नृत्य शैलियों के साथ विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और प्रवासी भारतीयों का मातृभूमि से जुड़ाव दर्शाया गया है।

परियोजना में आशुतोष भंडारी ने सहायक निर्देशक, आशुतोष भंडारी एवं शैशव भट्ट ने छायांकन तथा अस्वाथी सुकेश ने नृत्य निर्देशन की जिम्मेदारी निभाई। नेहा कूत्यूर, बर्लिन इस परियोजना की सांस्कृतिक एवं परिधान सहयोगी (Cultural & Costume Partner) रहीं।
इसी अवसर पर बर्लिन निवासी 14 वर्षीय युवा लेखिका समृद्धि जैन की प्रथम अंग्रेज़ी लघुकथा संग्रह “द कलर्स बिहाइंड द रेनबो” का भी लोकार्पण किया गया।

यह कार्यक्रम लिपी यूरोप की प्रमुख सांस्कृतिक पहल “इंडिया बियॉन्ड बॉर्डर्स” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वभर में बसे भारतीयों को उनकी भाषा, संस्कृति, साहित्य और भारत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से एक साझा मंच प्रदान करना है।
