Friday, April 17, 2026
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नलिनी सिंह की कविता – तुम्हें सारी रात पढ़ती रहूँ

तनहाई के
शदीद
जाड़े में
हाशिम के
कलाम की
धूनी पर हाथ
तापने को जी
चाहता है: 
हाथ के जल
जाने की हद
तक…!!
ताकि; जलते
हुए हाथ की
रोशनी में –
तुम्हारी…
तस्वीर में,
मैं तुम्हें सारी
रात पढ़ती
रहूं…!
तुम्हारे जागने
तक…!!!
नलिनी सिंह
नलिनी सिंह
नलिनी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं. संपर्क - 90040 01454
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