Saturday, May 18, 2024
होमकविताशैली की कलम से : सावन में शिव से प्रार्थना - जयतु,...

शैली की कलम से : सावन में शिव से प्रार्थना – जयतु, जयतु महादेव

जै महेश, पार्य, शर्व, वैद्यनाथ, वीरभद्र,
धरा धरेन्द्र नंदिनीपती शशांक शेखरा
जयतु, जयतु महादेव, सोमनाथ शंकरा…
मस्तक पर अग्नि धार, काया पर भस्म ढार
तांडव में लीन शिव, अग्नि-स्फुलिंग सम
डम, डम, डम, डम निनाद, डमरू का तुमुल नाद,
मदान्ध सिंधुराज मार, मेद-लिप्त त्वचा बाँध
तालों पर नृत्य रत, भीषण भयंकरा
जयतु, जयतु महादेव, सोमनाथ शंकरा…
मत्त-उन्मत्त नृत्य, भाल अग्नि ज्योति दीप्त
साधना में लीन शंभु, पंचशर विनाश कर
धम-धम,धम धिमिन-धिमिन मृदुल-ध्वनि मृदंग ध्वनित
तमारि, स्मरारि नाथ, शिर-कराल गंग धार
सहस्त्रनेत्र-सेव्य शिव, किशोर शशि शेखरा
जयतु, जयतु, महादेव, सोमनाथ शंकरा…
नीलकंठ गरल साध, कण्ठ में भुजंग डार,
गौरा संग उमानाथ, विचरत कैलास पर
छुन-छुन, छुन, छनक-छनक नूपुर पद-ताल बजत
गजारि, त्रिपुरारि, रामनाथ, ग्रीव मुण्ड-माल
भक्तन की लाज रख, चकोर-बंधु शेखरा
जयतु, जयतु, महादेव, सोमनाथ शंकरा…
कालकाल सुन पुकार, अरि-दल हत महाकाल
शैलजा के नाथ शिव, गणपति, कुमार सुत
सुरसरि अवतरित केश, कल-कल, कल स्वर विशेष
समदर्शी, सिद्धनाथ, असुरों का कर विनाश
व्योमकेश, रामेश्वर, हर-हर विश्वेश्वरा
जयतु, जयतु, जयतु महादेव, सोमनाथ शंकरा…
जयतु, जयतु, महादेव, सोमनाथ शंकरा…
शैली
शैली
सम्पर्क - shailjaa.tripathi@gmail.com
RELATED ARTICLES

4 टिप्पणी

  1. वाह वाह भक्ति भाव से ओतप्रोत । रोंगटे खड़े हो गए ।अद्भुत । शिवमय । ईश्वर की विशेष अनुकंपा है आप पर । आज मुझे लगा आपकी लेखनी को सिद्धि मिल गई । जिसको उस शिव शंकर का आशीर्वाद मिल गया हो उसके लिए बधाई छोटा शब्द है । आप पर शिव कृपा यूँही बनी रहे ।

  2. हृदयस्पर्शी प्रार्थना . शैली जी की रचनाओं की उत्कृटता मोहित करती है .

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Most Popular

Latest

Latest