होमकविताशैलेश शुक्ला की तीन कविताएँ कविता शैलेश शुक्ला की तीन कविताएँ By Editor March 23, 2019 1 471 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp शैलेश शुक्ला एहसास होता है चले आते हैं इन गलियों में अक्सर, हम दीवानों की तरह क्योंकि इस मिटटी में, अपना घर होने का ऐहसास होता है तमाम साजों-सामान जोड़े हमने ताकि खुश रह सकें शहर में एसी की हवा में भी पीपल याद आता है, मन उदास होता है क्योंकि इस मिटटी में, अपना घर होने का ऐहसास होता है रिश्ते तो बहुत बने शहर में, लेकिन सबमे दूरियां है स्वार्थ की दिल से मिटटी का रिश्ता दिल के सबसे पास होता है क्योंकि इस मिटटी में, अपना घर होने का ऐहसास होता है बरसों शहर में रहकर भी हम शहर के हो न सके अपने गाँव, अपने कसबे में बिताया हर लम्हा खास होता है क्योंकि इस मिटटी में, अपना घर होने का ऐहसास होता है शहर में, हम हैं या नहीं ये सोचने की भी फुर्सत नहीं गाँव में आकर ही अपने होने का ऐहसास होता है गुरु वंदना मोबाइल सा हाल है, शिष्यों का सुन यार गुरुमंत्र के सिम बिना, पड़ा रहे बेकार अब तक था बिन ज्ञान के, जीवन में भटकाव गुरु आशीष जब से मिला, तब से है ठहराव पढ़ी कभी गीता नहीं, छुआ न कोइ वेद गुरु-चरणों की धुल ने, खोल दिए सब भेद गुरु चरणों की धुल बिन, और न कोई ठाँव स्वर्ग-सरीखा सुख वहां, गुरु बसते जिस गाँव शब्द सिखाये आपने, और शब्द प्रयोग काव्य धरा बह चली, हुआ जो इनका योग मीडिया मीडिया के आजकल हैं ऐसे हालात बिना लाभ कहते नहीं, ये कोइ भी बात क्या कहें, क्या न कहें, कुछ भी कहा न जाए दे दो पैसा हाथ में, कुछ भी लो कहलाय कुछ लोगों का मीडिया, कुछ लोगों की बात साठ-गाँठ के बाल चले, डोली औ’ बारात चौथा खम्भा आजकल, बैठा बना महंत जो भी देता दक्षिणा, उसको कहता संत देख मीडिया का चलन, बुद्धि गई चकराय सबसे ऊपर स्वार्थ है, देश भले जल जाए (लेखक भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी में राजभाषा अधिकारी हैं) Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखफागुन विशेष : महिमा श्री की कविता – अनुबंधों के दिन हैं आयेअगला लेखसमीक्षा – कीलें (कहानी संग्रह – एस.आर. हरनोट ) – अनिल सोनी Editor RELATED ARTICLES कविता डॉ. अनुराधा पांडेय की कविता March 8, 2026 कविता संगीता चौबे ‘पंखुड़ी’ की कविता – रिश्ते March 8, 2026 कविता डॉ. मोहसिन ख़ान की कविता – आदमी का आदमी के हाथों मारे जाना March 8, 2026 1 टिप्पणी Nice to read all the poemm. It’s a nice selection and Nicky presented.All the best & hope man more in future also. जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 पुस्तक समीक्षा – डॉ अरुणा अजितसरिया एम बी ई April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest नैवेद्य पुरोहित की कलम से – शिवना साहित्य समागम 2026 सीहोर से लौटकर March 8, 2026 छाया सक्सेना प्रभु की कलम से – पुस्तक समीक्षा : भारती की काव्यमाला March 8, 2026 आचार्य अभिनव योगी का लेख – वन्दे मातरम् की 150 वर्षीय यात्रा March 8, 2026 डॉ. अनुराधा पांडेय की कविता March 8, 2026 और अधिक लोड करें
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