होमसाहित्यिक हलचलपुनीता जैन को ‘श्री प्रभाकर श्रोत्रिय स्मृति आलोचना सम्मान’ साहित्यिक हलचल पुनीता जैन को ‘श्री प्रभाकर श्रोत्रिय स्मृति आलोचना सम्मान’ By Editor March 23, 2024 2 345 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp 16 मार्च 2024 को मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिन्दी भवन, भोपाल द्वारा आलोचना कर्म के लिए अखिल भारतीय स्तर पर प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘श्री प्रभाकर श्रोत्रिय स्मृति आलोचना सम्मान -2023’ पुनीता जैन को उनकी कृति ‘आदिवासी कविता –चिंतन और सृजन’ के लिए दिया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें प्रतीक चिन्ह, शाल, श्रीफल तथा इक्कीस हजार रूपये की राशि प्रदान की गयी। उन्हें समिति के अध्यक्ष श्री सुखदेव प्रसाद दुबे, उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे तथा सुश्री रंजना अरगड़े की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया । Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखडॉ मुक्ति शर्मा की कविता – स्त्री प्रेम में छली जाती हैअगला लेखडॉ पद्मावती की लघुकथा – अंतिम मिलन Editor RELATED ARTICLES साहित्यिक हलचल ‘द गोपाल शक्ति गद्य निधि’ संस्था, मुंबई का साहित्यिक महाकुंभ May 16, 2026 साहित्यिक हलचल कथाकार विनिता बक्शी के उपन्यास ‘बिंदु का दायरा’ पर पुस्तक-परिचर्चा May 2, 2026 साहित्यिक हलचल मध्य प्रदेश का रंगमंच भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का संवाहक है — आलोक शुक्ला May 2, 2026 2 टिप्पणी पुनीता जैन जी को बहुत-बहुत बधाइयाँ। एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। जवाब दें Bahut Dhanyawad mam जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest कवयित्री एवं लेखिका मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा से तेजेन्द्र शर्मा की बातचीत May 16, 2026 अरूणा सब्बरवाल की तीन कविताएं May 16, 2026 मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ की सूक्ष्म, किंतु सशक्त अभिव्यक्ति May 16, 2026 वक्त से दिन और रात… May 16, 2026 और अधिक लोड करें
पुनीता जैन जी को बहुत-बहुत बधाइयाँ। एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
Bahut Dhanyawad mam