6 जनवरी २०१९ वनिका प्रकाशन के स्टाल पर  “खुसरो दरिया प्रेम का ” कहानी संग्रह का विमोचन हुआ | एक स्त्री प्रकाशक  जो पेशे से चिकित्सक भी हैं नीरज  शर्मा   के प्रकाशन वनिका प्रकाशन से १७ महिलाओं ने स्त्रीमन के  कोनो को खंगालते  हुए कहानियाँ लिखी  जिसका संपादन नीलिमा शर्मा ने किया | नीलिमा शर्मा इसके पहले ” मुट्ठी भर अक्षर ” लघुकथा संग्रह का विमोचन करचुकी हैं | ” आइना सच नहीं बोलता ” हिंदी साहित्य के प्रथम डिजिटल उपन्यास की कहानी लेखन ( १३  लेखिकाओ  के साथ ) संपादन संयोजन  भी किया | इस कहानी संग्रह में १७ लेखिकाओ की कहानियाँ  सम्मिलित हैं .सुषमा मुनिदर , आकांशा पारे , योगिता यादव ,अंजू शर्मा , रश्मि रविजा  , सपना सिंह , प्रोमिला क़ाज़ी ,  उपासना सियाग ,संगीता सेठी , कलावंती ,  अंजु चौधरी , शोभा रस्तोगी , वत्सला पाण्डेय , नीलिमा शर्मा , वंदना यादव आदि इस पुस्तक में शमिल हैं

इस संराग का विमोचन आदरणीय सुभाष नीरव जी < प्रेम जन्मेजय जी , विमलकुमार जी , अल्का सिन्हा और प्रज्ञा रोहिणी  के द्वारा किया गया | इस अवसर पर   दिल्ली निवासी सभी लेखिकाए उपस्तिथ थी |

इस संगढ़ में स्त्रीमन की छुपी परतो में छिपे प्रेम प्रसंगों का जिक्र हैं  प्रेम की कोई निश्चित परिभाषा नहीं हैं  न ही उसको शब्दों में रंगों में ढाला जा सकता हैं 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.