डॉ किरण खन्ना द्वारा संपादित पुस्तक ‘डॉ निशंक के साहित्य में सामाजिक यथार्थ और युग बोध’
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डॉ. परमजीत कुमार छाबड़ा

डॉ निशंक के कथा सृजन को वास्तव में उपेक्षित और तिरस्कृत वर्ग की पीड़ा का सार्थक प्रस्तुतिकरण बताते हैं और राष्ट्र निर्माण हेतु उनकी समस्याओं के समाधान का प्रावधान भी देते हैं।
स्वयं डॉ निशंक जी के साहित्य के प्रति आसक्ति पैदा होने और निशंक कथा सृजन के गहन अध्ययन के पश्चात पंजाब सहित राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित और नवोदित लेखकों को इस साहित्य के चिंतन अध्ययन का आग्रह करने का ब्यौरा दिया है। डॉ निशंक जी के सृजन को इंटरनेट से खोज खोज कर अपने सहयोगियों को प्रेषित करना वास्तव में उनकी निशंक जी के साहित्य के प्रति समझ और *सभी इसको पढ़ें* की ललक से सबको सम्पर्क करना और निरंतर उनके सम्पर्क में रहना प्रशंसनीय है। इस अध्ययन से प्राप्त प्रतिपुष्टि से वह अत्यधिक प्रभावित हुई कि उनका निशंक जी को पंजाब में भी हर संवेदनशील पाठक तक पहुंचाने का यह उपक्रम इस पुस्तक के रूप में हम सब तक पहुंचना नितांत सराहनीय है। उनके अपने आलेख में भी निशंक जी के साहित्य को सामाजिक यथार्थ का साहित्यिक पटल लिखना अत्यंत सार्थक प्रतीत होता है।
डॉक्टर परमजीत कुमार छाबड़ा, प्रिंसिपल, गुरुनानक देव पब्लिक स्कूल, भिक्खीविंड, पंजाब।