होमकवितायोग दिवस : डॉ. अवधेश तिवारी 'भावुक' की कविता कविता योग दिवस : डॉ. अवधेश तिवारी ‘भावुक’ की कविता By Editor June 22, 2024 1 310 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp योग निरोगी काया देता, प्राण वायु तन में भर देता, जोश , उत्साह , उमंगें देकर रोग, विकार सभी हर लेता। सृजन करता, स्वस्थ समाज, योग बढ़ाता काम औ’ काज, निश्चित बेहतर होगा कल, योग को यदि अपना लें आज। सबको यह सन्देश सुनाओ, योग के गुण, महिमा बतलाओ, हमको यह वरदान मिला जो औरों के संग खुद भी अपनाओ। योग बनाये स्वस्थ औ’ सच्चा, युवा बुजुर्ग संग में बच्चा, मिलकर करते योग के आसन हृष्ट – पुष्ट बन जायें अच्छा। योग करे रोगों से त्राण, योग से हो, सब का कल्याण, स्वस्थ रखे, भावुक, तन-मन को जनमानस में भर नव प्राण। डॉ. अवधेश तिवारी “भावुक” स्व रचित एवं मौलिक चल भाष-9811309809 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखडा मंजु गुप्ता के दोहों में दसवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवसअगला लेखडॉ मनीष कुमार मिश्रा की ग़ज़लें Editor RELATED ARTICLES कविता डॉ. शैलजा सक्सेना की कविताएँ July 11, 2026 कविता ब्रजेश कुमार की कविता- जाना एक पिता का July 11, 2026 कविता तोषी अमृता की कविताएं July 11, 2026 1 टिप्पणी योग पर अच्छी कविता है इसमें कोई दो मत नहीं अवधेश जी! योग जीवन को स्वस्थ रखने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। वैसे तो लोग ध्यान दे रहे हैं योग पर! जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest लंदन में FISI-UK का ‘सभ्यतागत भारत’ पर अमी गणात्रा का ज्ञानवर्धक व्याख्यान July 16, 2026 डॉ. पूरन सिंह की कहानी- माइंडसेट July 11, 2026 दिल्ली में ‘अजीब दास्ताँ’ का ज़बर्दस्त मंचन July 11, 2026 संगीता कुमारी की कहानी-नशे की गिरफ्त July 11, 2026 और अधिक लोड करें
योग पर अच्छी कविता है इसमें कोई दो मत नहीं अवधेश जी! योग जीवन को स्वस्थ रखने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। वैसे तो लोग ध्यान दे रहे हैं योग पर! जवाब दें
योग पर अच्छी कविता है इसमें कोई दो मत नहीं अवधेश जी! योग जीवन को स्वस्थ रखने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। वैसे तो लोग ध्यान दे रहे हैं योग पर!