नेताजी की आवाज एक बार फिर से माइक से होकर गूँजी – “हम अपनी, बेटियों को बारहवीं तक की मुफ्त शिक्षा,  टेबलेट्स,  साइकिल और मुफ्त स्कूटी देंगे l  पाँच सौ यूनिट तक की फ्री बिजली देंगे l युवाओं को रोजगार देंगे l  गरीबों को इंदिरा आवास देंगे l वृद्धों को पेंशन देंगेl”
तभी एक लड़की की आवाज नेताजी के तरफ उछली – “नेताजी, आप हमें कुछ मत देना l बस हमें इतना भरोसा देना की कोई हम बेटियों का बलात्कार ना कर सकेl” नेताजी की जुबान जैसे तालू से चिपक गई l जुबान लड़खड़ाने लगी l लगा नेताजी की घिघ्घी बंध गई हो l और माइक खामोश हो गयाl
महेश कुमार केशरी झारखण्ड के निवासी हैं. कहानी, कविता आदि की पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. अभिदेशक, वागर्थ, पाखी, अंतिम जन , प्राची , हरिगंधा, नेपथ्य आदि पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित. नव साहित्य त्रिवेणी के द्वारा - अंर्तराष्ट्रीय हिंदी दिवस सम्मान -2021 सम्मान प्रदान किया गया है. संपर्क - keshrimahesh322@gmail.com

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