Sunday, June 23, 2024
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सतीश कुमार सिंह की लघुकथा – ईगो

रविंद को बॉस ने इंटरकॉम पर कहा, “जल्दी आइये”। जैसे ही अरविंद चेंबर में घुसा, बॉस ने तेज स्वर में कहा, “आपने कल कोई ईमेल किया था क्या, प्रबंध निदेशक साहब बहुत ज्यादा नाराज हैं, आपका स्थानांतरण आज ही नागालैंड करने के लिए कह रहे हैं”? 
प्रत्युत्तर में अरविंद ने कहा, “हाँ, एक ईमेल मैंने कल ज्ञानार्जन केंद्र, दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक, संकाय को की थी, जो पद में मेरे समकक्ष हैं, ईमेल में आपत्तिजनक कुछ भी नहीं था। वह प्रबंध निदेशक सर के पास कैसे पहुंचा, यह मेरी समझ के परे है, शायद चुगली की गई है”? एक गहरी संस लेने के बाद अरविंद ने पुनश्च कहा, “सर, सहायक महाप्रबंधक, संकाय ने ईमेल में मुंबई में पदस्थ स्टाफ सदस्यों द्वारा नामांकन के बाद भी प्रशिक्षण हेतु ज्ञानार्जन केंद्र नहीं पहुँचने के कारण पूछे थे, मैंने बस उसका उत्तर दिया था”।    
अरविंद कुछ और बोलना चाह रहा था, लेकिन उसे चुप रहने का इशारा करते हुए बॉस ने रूखे स्वर में कहा, “क्यों ईमेल करते हैं आप, मुझसे बिना पूछे”? कुछ क्षण के अल्प विराम के बाद बॉस ने पुनः झुँझलाते हुए कहा, “ईमेल करने की जरूरत ही क्या थी, जबाव देना जरूरी था क्या, क्या आप हर ईमेल का जबाव देते हैं, नहीं न, कौन सी आफत आ जाती, अगर जबाव नहीं देते तो, खैर, जल्दी जाइये, मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) सर ने आपको अविलंब अपने चेंबर में बुलाया है”। 
अरविंद जैसे ही सीजीएम साहब के चेंबर में घुसा, उन्होंने तल्ख आवाज में कहा, “क्या आपको बैंक की संस्कृति नहीं मालूम है, कौन सुनना चाहता है सच यहाँ, प्रबंध निदेशक सर ने साफ तौर पर कहा कि आपका सहायक महाप्रबंधक गैर पेशेवर भी है और गैर जिम्मेदार भी, इसलिए आपका स्थानांतरण नागालैंड करने के लिए वे अड़े हुए हैं? 
अरविंद ने दबे हुए स्वर में कहा, “मुझे मुंबई आए हुए सिर्फ 2 महीने हुए हैं, लेकिन अगर साहब का ईगो मेरे नागालैंड जाने से ही शांत होगा तो मैं वहाँ जाने के लिए तैयार हूँ, हाँ, कुछ आर्थिक नुकसान मुझे जरूर होगा, क्योंकि बच्चों का दाखिला मैंने स्कूल में करवा दिया है”। 
इतना कहकर अरविंद चेंबर से बाहर आ गया, लेकिन उसका मन अशांत था, उसे लग रहा था कि वह   मन की बात नहीं कह पाया। इसलिए, हिम्मत करके वह वापिस सीजीएम साहब के चेंबर में गया और विनीत स्वर में कहा, “अगर आप क्षमादान दें, तो एक बात कहूँ; हाँ, कहिए, सर, मुझे अभी भी लगता है कि मैंने ईमेल में कुछ भी गलत नहीं लिखा है और इसके लिए मुझे कोई अफसोस भी नहीं है, यदि  सिर्फ ईमेल के लिए मेरा स्थानांतरण किया जा रहा है तो इस बैंक का भगवान ही मालिक है”। कहकर, अरविंद भरे मन से चेंबर से बाहर निकल गया।
सतीश कुमार सिंह
मोबाइल-8294586892
सहायक महाप्रबंधक (ज्ञानार्जन एवं विकास)
भारतीय स्टेट बैंक
अहमदाबाद,
पिन कोड-380001
गुजरात
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