40 वर्षीय अधेड़ रामफल। वह तीन बार फेल हुआ दसवीं में। शरीर बहुत तंदरुस्त था, बहुत इच्छा थी उसकी फ़ौज में भर्ती होने की। लेकिन हर बार फेल।
नकल करने की भी कोशिश की पर वो भी न हो सकी।
बापू के पास एक किल्ला जमीन थी, वो बहन की शादी में बेच दी। बड़े भाई की तो जैसे तैसे शादी हो गई पर उसका रिश्ता नहीं आया, न जमीन न नौकरी।
हुक्के की चौपाल में चर्चा हो रही थी, इस बार कोरोना की वजह से बच्चे बिना पढ़े पास हो गए। रामफल सोच रहा था काश कोरोना उस समय आ जाता!
देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं बाल भास्कर, बालभूमि (हरिभूमि), प्रभात खबर, देवपुत्र, बच्चों का देश, उजाला, साहित्य अमृत में रचनाएँ प्रकाशित. ईमेल - pk13390@gmail.com, मोबाइल - 7082515913

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