रेस्टोरेंट में रोज की तरह भीड़ थी सभी अपने परिवार संग खाने में और बातों में व्यस्त थे अचानक एक आवाज सुनकर सभी चौंक गए और सबकी गर्दन आवाज की तरफ घूम गयी ॐ साईं राम एक प्लेट चिकन टिक्का, ॐ साईं राम एक चिकन बिरयानी और रोटियां कोने वाली टेबल पर बैठे उस आदमी ने बुलंद आवाज में अपना आर्डर दिया.वो खुद काफी नशे में लग रहा था बाबजूद इसके वो अपनी जेब से कुछ निकाल कर पी रहा था और हर घूंट से पहले ॐ साईं राम कर रहा था. सबने महसूस किया वो आदमी जब भी कुछ नान वेज का नाम लेता ॐ साईं राम का नाम ले अपने कान पकड़ता मानो अपराध कर रहा हो ….
पूछने पर पता लगा कि जीव हत्या का पाप न लगे इसलिए भगवान से माफ़ी एडवांस में मांगी जा रही थी. वैसे भी घास फूस भी भला खाने की चीज है, मंगल-बृहस्पति ही काफी हैं ये सब खाने के लिए और जब हमारे पास भगवान हैं, हमारे पापों की मुक्ति के लिए तो ….हम आजाद हैं पसंदीदा खाने से लेकर पीने तक के लिए … ॐ साईं राम …हरे कृष्ण ..हरे राम जैसे कितने ऑप्शन खुले हैं.


बहुत सुन्दर और दिलचस्प..!