“वैश्विक गांधी: भारतवंशी चित्त के शिल्पी” का लोकार्पण, सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान, वर्धा में आश्रम की अध्यक्ष आशा बोथरा, गांधी चिंतक दर्शन शंकर एवं मंत्री विजय ताम्बे के द्वारा
एवं
विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा जी, श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव (पूर्व अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश), प्रो मनोज कुमार राय, डॉ राकेश कुमार मिश्र जी के कर कमलों द्वारा लोकार्पण किया गया ।
पुस्तक के संपादक हैंं : डॉ. मुन्ना लाल गुप्ता एवं राजीव रंजन राय, सह-संपादक : अर्चना बलवीर, और प्रकाशक हैं: नई किताब, दिल्ली
लोकार्पण समारोह बापू की कर्मभूमि सेवाग्राम आश्रम के पवित्र प्रांगण में आयोजित किया गया। आशा बोथरा, अध्यक्ष, सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान, गांधी चिंतक श्री दर्शन शंकर, विजय ताम्बे, मंत्री, सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान, कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, मनोज कुमार श्रीवास्तव, पूर्व अतिरिक्त सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रो. मनोज कुमार राय एवं डॉ. राकेश कुमार मिश्र के कर-कमलों द्वारा पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

पुस्तक का वैशिष्ट्य
“वैश्विक गांधी: भारतवंशी चित्त के शिल्पी” गांधी को केवल एक भारतीय महापुरुष के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक विचार, एक मानवीय चेतना और प्रवासी भारतीय मन के शिल्पी के रूप में देखने का एक गंभीर अकादमिक प्रयास है। इस पुस्तक में विश्व के विभिन्न हिस्सों में बसे भारतवंशी विद्वानों, शोधकर्ताओं और गांधी-चिंतकों के शोध-पत्रों को एक साथ संकलित किया गया है, जो यह दर्शाता है कि गांधी का सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का विचार आज भी सूरीनाम से लेकर नीदरलैंड, मॉरीशस से लेकर अमेरिका तक किस प्रकार जीवंत है। इसमें सहयोग देने वाले भारतवंशी विद्वानों के शोध-पत्र शामिल है, जो गांधी की वैचारिक उपस्थिति को रेखांकित करता है।
संपादक डॉ. मुन्नालाल गुप्ता जी ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य गांधी को डायस्पोरा की आँख से देखना और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ना है। समारोह में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस पहल को गांधी साहित्य में एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया और संपादक मंडल को हार्दिक बधाई दी।
– डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पांडे
अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी संगठन, नीदरलैंड
