
इमरान ख़ान लगातार इस बात को नकारते रहे कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ था। और भारतीय विपक्षी दल भी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते रहे कि चुनाव जीतने के लिये उन्होंने स्वयं ही पुलवामा हमला करवाया। फ़वाद हुसैन चौधरी ने सबको आईना दिखा दिया।
भारतीय संसद में जब अधीर रंजन, शशि थरूर और राहुल गान्धी मोदी सरकार के विरुद्ध अपने कुतर्क दिया करते थे तो पाकिस्तान की प्रेस और संसद उन कुतर्कों का इस्तेमाल करके भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया करते थे।
यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अपने भाषण में भी भारतीय विपक्षी दलों के बयानों का हवाला दिया।
मगर हाल ही में पाकिस्तानी सांसदों ने कुछ ऐसे बयान दे डाले हैं जिनके कारण इमरान ख़ान सरकार अपने देश में तो हंसी का पात्र बन ही रही है, वैश्विक स्तर पर भी उसकी छीछालेदार हो रही है। और इस मुहिम में केवल पाकिस्तान के विपक्षी दल के सांसद ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के मंत्री भी शामिल हैं।
सबसे पहले बात करेंगे पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी ‘पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन)’ के नेता और सांसद अयाज़ सादिक़ के पाकिस्तानी संसद में दिये गये एक बयान की।
अयाज़ सादिक़ ने बुधवार 28 अक्टूबर को नेशनल असेंबली में खुले तौर पर कहा था, ”पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक बैठक में कहा था कि अगर विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा नहीं किया जाता है तो भारत रात के नौ बजे तक हमला कर देगा।”


बिल्कुल सटीक विश्लेषण। पाकिस्तान के मंत्री हों या संत्री। जब भी बयानबाज़ी करते हैं, अपने ही देश की नकारात्मक छवि को विश्वपटल पर पेश करते हैं।