संपादकीय : पाकिस्तानी संसद में हंगामाख़ेज़ बयान 3
फवाद हुसैन चौधरी

इमरान ख़ान लगातार इस बात को नकारते रहे कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ था। और भारतीय विपक्षी दल भी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते रहे कि चुनाव जीतने के लिये उन्होंने स्वयं ही पुलवामा हमला करवाया। फ़वाद हुसैन चौधरी ने सबको आईना दिखा दिया।

भारतीय संसद में जब अधीर रंजन, शशि थरूर और राहुल गान्धी मोदी सरकार के विरुद्ध अपने कुतर्क दिया करते थे तो पाकिस्तान की प्रेस और संसद उन कुतर्कों का इस्तेमाल करके भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया करते थे।
यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र संघ के अपने भाषण में भी भारतीय विपक्षी दलों के बयानों का हवाला दिया। 
मगर हाल ही में पाकिस्तानी सांसदों ने कुछ ऐसे बयान दे डाले हैं जिनके कारण इमरान ख़ान सरकार अपने देश में तो हंसी का पात्र बन ही रही है, वैश्विक स्तर पर भी उसकी छीछालेदार हो रही है। और इस मुहिम में केवल पाकिस्तान के विपक्षी दल के सांसद ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के मंत्री भी शामिल हैं। 
सबसे पहले बात करेंगे पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) के नेता और सांसद अयाज़ सादिक़ के पाकिस्तानी संसद में दिये गये एक बयान की। 
अयाज़ सादिक़ ने बुधवार 28 अक्टूबर को नेशनल असेंबली में खुले तौर पर कहा था, ”पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक बैठक में कहा था कि अगर विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा नहीं किया जाता है तो भारत रात के नौ बजे तक हमला कर देगा।

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उन्होंने अपना बयान जारी रखते हुए कहाँ, “मुझे बखूबी याद है कि शाह महमूद कुरैशी उस बैठक में थे जिसमें पी.एम. इमरान खान ने भाग लेने से इन्कार कर दिया था। बैठक में आर्मी चीफ़ जनरल बाजवा भी मौजूद थे। पैर कांप रहे थे, उन्हें पसीना आ रहा था। इस बैठक में विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा था कि अल्लाह के वास्ते इसको (अभिनंदन) वापस जाने दो, क्योंकि रात 9 बजे हिंदुस्तान, पाकिस्तान पर हमला कर देगा।” (अयाज़ सादिक़ की बात के बावजूद यह कन्फ्यूज़न बना रहा कि पैर शाह महमूद कुरैशी के कांप रहे थे या जनरल बाजवा के।)
ज़ाहिर है कि उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान की सियासत में एक भूचाल सा आ गया है। वहां यह नैरेटिव बनाया गया था कि पाकिस्तान ने भारत को घुटनों पर बैठने को मजबूर कर दिया था। जबकि अयाज़ सादिक़ के अनुसार, “हिंदुस्तान हमला नहीं करने वाला था। सरकार को सिर्फ घुटने टेककर अभिनंदन को वापस भेजना था, जो उन्होंने किया।
इस मामले में बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला है. उन्होंने लिखा, “राहुल जी, आप सर्जिकल स्ट्राइक और उयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे ना? ज़रा देखिए मोदी जी का क्या ख़ौफ़ है पाकिस्तान में सरदार अयाज़ सादिक़ बोल रहे है पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में की पाक के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे! समझें?”
यह मसला तो पाकिस्तान के विपक्षी दल का था। अब बारी आती है सत्तारूढ़ पार्टी तहरीक-ए-इन्साफ़ के मंत्री फ़वाद हुसैन चौधरी की। उन्होंने कबूल किया है कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। फवाद चौधरी ने कहा है कि पुलवामा हमला इमरान खान सरकार की बड़ी कामयाबी है।
पाकिस्तानी संसद में बयान देते हुए उन्होंने साफ़-साफ़ कहा है कि पुलवामा में सी.आर.पी.एफ. काफ़िले पर हुए हमले में पाकिस्तान का हाथ था। फवाद चौधरी ने ढींग हांकते हुए कहा, ‘हमने हिन्दुस्तान को घुसकर मारा है जनाब-ए-स्पीकर साहब। पुलवामा में जो हमारी कामयाबी है वो इमरान खान की कियादत में इस क़ौम की कामयाबी है। उसके हिस्सेदार आप भी सब लोग हैं।
ऐसे ही लोगों के बारे में कहा जाता है कि अगर आपके दोस्त ऐसे हैं तो फिर भला आपको दुश्मनों की क्या ज़रूरत है।
इमरान ख़ान लगातार इस बात को नकारते रहे कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ था। और भारतीय विपक्षी दल भी प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते रहे कि चुनाव जीतने के लिये उन्होंने स्वयं ही पुलवामा हमला करवाया। फ़वाद हुसैन चौधरी ने सबको आईना दिखा दिया। 
पाकिस्तान में सांसदों एवं मंत्रियों को अभी शायद सीखना होगा कि आपस की राजनीतिक खींचतान इस हद तक नहीं जानी चाहिये कि सत्तारूड़ दल की आलोचना करते करते हम देश का अहित न कर बैठें। यही सबक अधीर रंजन, राहुल गान्धी, शशि थरूर आदि को भी सीखना होगा।  
तेजेंद्र शर्मा
लेखक वरिष्ठ साहित्यकार, कथा यूके के महासचिव और पुरवाई के संपादक हैं. लंदन में रहते हैं.

1 टिप्पणी

  1. बिल्कुल सटीक विश्लेषण। पाकिस्तान के मंत्री हों या संत्री। जब भी बयानबाज़ी करते हैं, अपने ही देश की नकारात्मक छवि को विश्वपटल पर पेश करते हैं।

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