आर्टिफिशल क्लोज्ड इकोलॉजिकल सिस्टम बनाए गए। कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की तकनीक, सभी हानिकारक ग्रीनहाउस गैस को सोखना और वातावरण से हटाना वाले उपक्रम के बड़े-बड़े खेत बनाये गए।
वही देश की सीमाएं रहीं, एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए एक विशेष प्रकार के सूट पहनकर ही इंसान खुले वातावरण में जा सकता था और वह सूट इंसान के लिए बेसिक जरूरत बन चुका था।
ओजोन तो कब तक खत्म हो चुका था सूट के बिना मिनटों में ही मानव शरीर भस्म हो जाता।
मैक अपने देश से दूर अलग देश मे रह रहा था। कुछ देर पहले ही अपनी पत्नी से आने वाले बच्चे की बातें हो रही थी।
उत्साहित मैक अपने इकोसिस्टम से घुसते हर मानव की जांच कर रहा था। लाइन में लगा एक खूबसूरत सा बच्चा देख वह मन ही मन प्रसन्न हो रहा था। तभी एक दूसरे कर्मचारी ने उस बच्चे को हानिकारक विषाणु से प्रभावित बताया और अपग्रेडेड सूट लेने के लिए कहा। उस दम्पती ने उस बच्चे को सीधे सूर्य में फेंक दिया। क्योंकि उसका परिवार उच्च श्रेणी का सूट वहन नहीं कर सकता था।
अब मैक खुशी और दुख के बीच पैंडुलम बना हुआ था।
चित्रा राणा राघव
मंथन, नई सदी की धमक, आसपास से गुजरते हुए, चुनिंदा लघुकथाएं, सहोदरी लघुकथा, समय कीदस्तक, आधुनिक साहित्य, लघुत्तम महत्तम, महिला लघुकथाकार, चलें नीड़ की ओर, भारत की प्रतिनिधि महिला लघुकथाकार स्वाभिमान आदी लघुकथा संकलनो, परिंदे पूछते है, परिंदों के दरमियाँ आदि पुस्तक में लघुकथा प्रकाशित। संपर्क : rana.chitra@gmail.com

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