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अर्चना चतुर्वेदी की चुटकी – गृहलक्ष्मी का वाहन

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पतिदेव ने जैसे ही घर में कदम रखा, पत्नी जी ने मुस्कुराते हुए स्वागत किया, हाथ से बैग लेकर इठलाती हुई बोली – आप हाथ मुहं धोकर आइये, आपके मनपसंद गोभी के पकौड़े बनाये हैं | पिछले कुछ दिन से प्यार भरे स्वागत से खुद को धन्य समझते हुए उल्लसित पतिदेव बाथरूम की और चल दिये | जहाँ हर वक्त बार्डर जैसा माहौल रहता था…. कब दूसरी और से गोलीबारी शुरू हो जाये पता नहीं लगता था, वहां युद्ध शांति जैसा माहौल देख पतिदेव के पांव जमीं पर नहीं पड़ रहे थे, घर का मुखिया क्या होता है आजकल ही पता लग रहा था | ऑफिस में मित्रों के बीच बात छिड़ी तो पता लगा सबके घर लगभग यही माहौल है | कारण पर कौन माथापच्ची करे, पत्नी जी की लटके झटकों के सामने वैसे भी किसका दिमाग चला है, इनके आगे तो देवताओं ने घुटने टेक दिए तो इंसान क्या चीज है |
इधर पत्नी जी भी अत्यंत प्रसन्न हैं.. और क्यों ना हों अपने मिशन के करीब जो हैं | आखिरकार अपने तरकश के सबसे तेज़ तीरों का वार  कर करके पति की जेब और दिल दोनों के द्वार इतने खोलने हैं कि पति खुद उनकी मनपसंद ड्रेस और ज्वेलरी दिला डालेंगे | पत्नी जी  एकता कपूर की खलनायिका स्टाइल में मन ही मन बातें कर रही हैं “ये मर्द भी ना खुद को कितना समझदार समझते हैं और हम औरतों को कमअक्ल, और बेवकूफ समझते हैं,हमें तो भगवान ना समझ पाए तुम क्या समझोगे  | अब हम ठहरी गृहलक्ष्मी और भगवान ने लक्ष्मीजी का वाहन उल्लू को नियुक्त किया है सो बच्चू ………..तुम लोग इस ग़लतफ़हमी से बाहर आ जाओ |

अर्चना चतुर्वेदी की चुटकी - गृहलक्ष्मी का वाहन 3

शादी से लेकर आज तक तुम ही उल्लू बनते आये हो, आगे भी बनते रहोगे, अब जैसे तुम लोग अपने वाहन यानी कार की पालिसी रिन्यू करते हो | उसी तरह हमें भी हर करवा चौथ अपने वाहन ( उल्लू )  पालिसी को  रिन्यू जो कराना होता है  | पतियों को लगता है बेचारी भूखे प्यासे रहकर हमारी लम्बी उम्र के लिए दुआ मांग रही है, साल में एक दिन इनके पैर छू दो तो खुद को देवता समझने लगते है | ये जो इतने प्रफुल्ल हुए घूम रहे हैं,जो पत्नी मांग रही है ख़ुशी खुशी दिला रहे हैं | इन बेचारों को क्या पता कि ये तो हमारे उस मिशन का हिस्सा है, जिसमें हमें खुद को अपनी सारी सहेलियों से ज्यादा सुन्दर और बुद्धिमान साबित करना है , पति से सबसे अच्छी साड़ी और गिफ्ट झटककर |
ये बात और है कि इस मिशन के लिए हमें बहुत मेहनत करनी पड़ती है | बताओ कहाँ हम आठ बजे से पहले नहीं उठते, पति के हाथ की बेड टी पीकर ही आँखे खुलती हैं और आजकल हम सुबह जल्दी उठकर पतिसेवा में लग जाते हैं कम से कम एक महीने पहले से युद्धविराम करना पड़ता है सो अलग  और करवा चौथ के दिन इतना कठिन व्रत रखते हैं कि सुबह चार बजे ही नहा धोकर खीर,फल आदि सरगी के रूप में ठूंस लेते हैं फिर सोलह  श्रृंगार कर २ बजे तक बायना निकाल कर फलों का जूस और चाय पानी पी लेते हैं और इतरा इतरा कर अपनी साड़ी और हीरे की अंगूठी पड़ोसनों को दिखा कर जलाना भी नहीं भूलते |
बाद में एक आध सेब केला ले लेंगे बस | रात को चाँद की पूजा करके पति का मुखड़ा चलनी में देख उनकी आरती उतार कर मिशन का आखिरी स्टेप होगा | अब इतना कठिन व्रत रखकर खाना कैसे बनाएगी बेचारी पत्नी, सो किसी अच्छे से होटल में बढ़िया खाने से पेटपूजा अर्थात व्रत खुलेगा |  पत्नी जी (उल्लू बनाओ) मिशन कम्प्लीट होने पर आराम करेंगी  …..अरे भाई कल से फिर युद्धविराम ख़त्म जो करना है …

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