लेखक एक अलग किस्म का प्राणी होता है वैसे तो कुछ महान लोग कहते हैं कि लेखक बनते नहीं पैदा होते हैं|पर आज फेसबुक युग में ये बात कतई लागू नहीं होती बल्कि आजकल तो लेखकों की खेती शुरू हो चुकी है और बिना कीटनाशक का प्रयोग करे भी फसल भी बहुत अच्छी हो रही है यानी लेखक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं |
ये प्राणी वैसे तो देश के अलग अलग स्थानों पर अपनी लेखन साधना में रत होता है पर जिस प्रकार अनेकों साधू सन्यासी अपनी खोह और गुफाओं से निकल कर कुम्भ के मेले मैं इकट्ठे होते हैं ठीक उसी प्रकार ये लेखक रूपी प्राणी भी पुस्तक मेले में आते हैं और अपनी शक्ति का यानी पुस्तकों का प्रदर्शन करते हैं यानी किसने क्या लिखा और कितना ? पुस्तक मेले में ही कुछ वरिष्ठ कहे जाने वाले लेखक भी मौजूद होते हैं जो पुस्तकों के विमोचन का कार्य ही करते हैं | अब आप लोग ये मत पूछ बैठना वरिष्ठ क्या होता है जरा सब्र से काम लें मैं आगे लेखक के प्रकार बताउंगी उसमें आपको जबाब मिल जायेगा |

