Tuesday, June 9, 2026
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“विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम” के आयोजन में लता तेजेश्वर की पुस्तक “सारांश” का विमोचन

प्रस्तुति
डॉ. उषा साहू
“विविध भारतीय भाषा संस्कृति संगम” भारत का प्रतिष्ठित मंच है l इस मंच की स्थापना, मुंबई में 14 नवम्बर 2018 को हुई थी l  14 नवंबर 2025 को इस संस्था का सात साल पूर्ण हो चुके हैं l इस संस्था को संभालते हुए इस कुटुंब की सभी सदस्यों ने पूरी तरह रचनात्मक सहयोग दिया। इस साल 7वां पूरे होने के अवसर पर मुंबई से ऑनलाइन वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया गया l
ओड़िआ भाषी आ स्नेहा मिश्रा जी की सरस्वति वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री उषा साहू थीं l कार्यक्रम के प्रथम सत्र में, परम आदरणीय संतोष श्रीवास्तव ने  अपने भाषण में कहा कि यह एक अनोखा मंच है, जो भारत की सभी भाषाओं को साथ लेकर चल रहा है , इस तरह लता जी एक अकादेमी का कार्य संभाल रही हैं। 
इस अवसर पर लता  तेजेश्वर द्वारा लिखित पुस्तक “सारांश” का विमोचन किया गया । इस पुस्तक में भारतीय समाज की समस्याओं का समावेश है l

उषा साहू ने अपने भाषण में, सुश्री लता  तेजेश्वर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सचमुच प्रशंसा की पात्र हैं कि वे विषम परिस्थियों में भी मंच चला रही हैं l उनकी नवीनतम पुस्तक “सारांश” अनूठी पुस्तक है, जिसमें संस्कृति, धर्म, आरक्षण, युवा वर्ग की समस्याएं, भारतीय समाज में महिलाओं की परेशानियों, आरक्षण जैसे महत्पूर्ण विषय पर जानकारी दी गई है l विशेष बात यह है कि पुस्तक में समस्याओं का समाधान भी दिया गया है l” 
इस अवसर पर काव्य सम्मेलन का भी आयोजन किया गया l कवि सम्मेलन में देश के बहुचर्चित कवि और कवयित्रीयों ने काव्यपाठ किया काव्यपाठ में उपस्थित रचनाकार : दयाराम दर्द फिरोजाबादी, डॉ.सुषमा सिंह,आगरा, अनिता मंदिलवार सपना, छत्तीसगढ़, मीना गुप्ता, बंगलोर, डॉ कनक लता तिवारी, मुम्बई, डॉ नारदी पारेख, नेरुल, भारत भूषण शारदा, कोपरखैरने,लिंगम चिरंजीव राव, सौंपेट,ओडिशा, डॉ.हरनेक सिंह गिल, जितेंद्र, दिल्ली विश्वविद्यालय, आ. उषा साहू, मुंबई, स्नेहा मिश्रा, मुम्बई, ओड़िआ, हिना मोदी, गुजरात, पल्लवी रानी कल्याण, जितेंद्र, दिल्ली विश्वविधालय, वेंकट लक्ष्मी गायत्री और डॉ. देवूलापल्ली पद्मजा, विशाखापट्टनम से, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता और  चंद्रिका व्यास, खारघर से, डॉ सुरेंद्र प्रसाद गाईं, मैत्रेयी कमिला, नेरुल,  लता तेजेस्वर ‘रेणुका’, मुंबई, आदि ने काव्य पाठ किया। 
लता जी ने अपने पिताजी के नाम से घोषित “श्री शम्भूमुर्ती स्मृति साहित्य भूषण सम्मान” के लिए संतोष श्रीवास्तव जी का नाम चुना।
द्वितीय सत्र में काव्यगोष्ठि का आयोजन था, करीब 25कवि कवयित्रियों ने अपनी अपनी कविताएँ अपनी मातृभाषा में पढ़े। समस्त कार्यक्रम बहुतर सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ l मंच की अध्यक्ष लता तेजेश्वर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l यह संस्था 7साल का सफर सफलता पूर्वक  पूरा कर 14नवंबर को 8वां साल में प्रवेश किया। इस सम्मेलन का संचालन मुंबई की आ कनकलता तिवारी जी ने किया और स्नेहा मिश्रा जी ने सरस्वती वंदना की। लता जी ने आभार व्यक्त किया। 


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