आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRUM), नई दिल्ली द्वारा क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (RRIUM), श्रीनगर में द्वितीय राजभाषा सम्मेलन सह कार्यशाला ‘उत्तर संवाद–2026’ का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑनलाइन माध्यम से डॉ. एन. ज़हीर अहमद, महानिदेशक, CCRUM ने की। उन्होंने कहा कि ‘दक्षिण संवाद–2025’ की सफलता के बाद आयोजित ‘उत्तर संवाद–2026’ परिषद की राजभाषा के प्रति प्रतिबद्धता को और सशक्त करेगा तथा परिषद मुख्यालय एवं इसके सभी संस्थान राजभाषा के शत-प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि श्री सागर हनुमान सिंह, आईपीओएस, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, जम्मू-कश्मीर सर्किल एवं अध्यक्ष, नराकास तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. यूनिस इफ्तिखार मुंशी, उप-महानिदेशक, CCRUM ने राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार व्यक्त किए। श्री सागर हनुमान सिंह ने कहा कि हिंदी भारत की एकता, संस्कृति और पहचान की भाषा है तथा इसके अधिकाधिक प्रयोग से प्रशासन और जनता के बीच संवाद और अधिक प्रभावी होगा। वहीं, डॉ. यूनिस इफ्तिखार मुंशी ने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के सहज एवं प्रभावी प्रयोग तथा भारतीय भाषाओं के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
श्री मयंक तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक ने परिषद की राजभाषा संबंधी पहलों की जानकारी दी, जबकि डॉ. इर्फत आरा, उप-निदेशक, RRIUM, श्रीनगर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यशाला में डॉ. मुदस्सिर, सहायक आचार्य (हिंदी), कश्मीर विश्वविद्यालय, श्री शशि रंजन, सहायक आचार्य, NIFT श्रीनगर, डॉ. मुहम्मद काशिफ़ हुसैन, अनुसंधान अधिकारी एवं सदस्य सचिव, नराकास, हैदराबाद तथा डॉ. मुक्ति शर्मा, शिक्षिका एवं साहित्यकार ने विशेषज्ञ व्याख्यान एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, प्रबोध परीक्षा उत्तीर्ण कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा सफल संचालन डॉ. नीलोफर, डॉ. सुहीना एवं डॉ. अनीस ने किया।

सारगर्भित और सटीक रिपोर्ट।