Sunday, September 20, 2026
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लंदन में हिंदी युवा संगम – लगातार चौथे वर्ष

लंदन – हिंदी युवा संगम – 2026 कार्यक्रम का भव्य आयोजन लंदन के नेहरू सेंटर में किया गया। यह कार्यक्रम ब्रिटेन की युवा पीढ़ी में हिंदी के प्रचार-प्रसार और उत्साह को बनाये रखने के लिए जाता है।

आयोजक और ब्रिटेन की प्रसिद्ध संस्था “संगम यूके” के संस्थापक डॉ ज्ञान शर्मा ने बताया कि लगातार चौथे साल इसका आयोजन होना गर्व का विषय है। लगभग सौ से अधिक दर्शक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कवि एवं लेखक आशीष मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया और लोगों को पूरे कार्यक्रम में बांधे रखा।

कार्यक्रम के सभी बारह प्रतियोगियों ने शानदार मंच सम्भाला, सभी ने अपने दिए समय में अलग-अलग विषयों पर – किसी ने कविता पढ़ी, किसी ने कोई छोटी कहानी या किसी ने अपना अनुभव सुनाया।

सभी प्रतिभागियों को बधाई – अनुरिमा सिंह (प्रथम पुरस्कार), आरव शर्मा (द्वितीय पुरस्कार), ऋषभ सिंघानिया (तृतीय पुरस्कार), उदिशा सूर्यवंशी, अदिति प्रवीण, ईशान जोगे, वर्तिका पाहुजा, नव्या मिश्रा, गार्गी बुदुख़, आयुष शाह अग्रवाल, आपती विज, आरित मिश्रा।

निर्णायक मंडल ने इन सभी प्रतिभागियों को पैनी निगाह से परखा जिसके सदस्य रहे – भारतीय उच्चायोग से डॉ अनुराधा पांडे, ब्रिटेन की वरिष्ठ साहित्यकार दिव्या माथुर, वंदना खुराना रहे। डॉ अनुराधा पांडे ने अपने वक्तव्य में बताया कि युवाओं का बढ़-चढ़ कर इसमें भाग लेना अपने आपमें कार्यक्रम के उद्देश्य को सफल बनाता है।

बच्चों को प्रोत्साहन देने के लिए भारतीय डायस्पोरा के बहुत से सदस्य, कम्युनिटी लीडर्स सम्मिलित हुए जैसे साहित्यकार डॉ पद्मेश गुप्त, OFFBJP Uk/EU अध्यक्ष क़ुलदीप शेखावत, तरुण गुलाटी, बिहारी कनेक्ट से उद्देश्वर सिंह, ग्लोबल ब्रिलियंस फोरम से विकल्प सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, ब्रह्मऋषि आश्रम से गगन अवस्थी, रश्मि मिश्रा, UPCA से संस्था से अश्विनी श्रीवास्तव, Cllr मनोज मिश्रा, IDUK से हिरदेश गुप्ता, दीपक पटेल, संदीप दीवान आदि।

कार्यक्रम के बाद आयोजक मंडल संगम संस्था के कार्यकर्ता – राजेश विश्वकर्मा, संतोष पांडे, योगेश पांडे, जितेंद्र गुप्ता, आशुतोष कुमार, कमलजीत कौर, सारिका हांडा, युग देशपांडे एवं गगन अवस्थी – पूरी तरह से खुश एवं संतोषप्रद दिखे। उन सभी ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार की ओर अपने संकल्प को पुनः दोहराया।

सचमुच लंदन में हिंदी के लिए लोगों का इतना उत्साह देखते ही बना।

-आशीष मिश्रा

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