होमग़ज़ल एवं गीतसूबे सिंह सुजान की ग़ज़ल ग़ज़ल एवं गीत सूबे सिंह सुजान की ग़ज़ल By सूबे सिंह सुजान December 25, 2022 3 286 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp धुआं जम गया है, हवा की कमी से। कोई जैसे नाराज़ है ज़िन्दगी से।। न अब धूप अच्छी न मौसम खुला है, गगन को,धरा को, ढका है नमी से।। हवा,आग, पानी खफा हो गए हैं, शिकायत है आकाश को आदमी से। हमीं ने बनाये, उदासी भरे दिन, कि मौसम मिले आज बेमौसमी से। हमें खेत जंगल बनाने पड़ेंगे, हमारी हवा ठीक होगी उसी से। Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखडॉ जया आनंद की कहानी – है न!अगला लेखडॉ तारा सिंह अंशुल की कविता – वतन प्रहरी जांबाज़ वो सरहदों पर डटे हैं सूबे सिंह सुजानसंपर्क - [email protected], 9416334841 RELATED ARTICLES ग़ज़ल एवं गीत आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 27, 2026 ग़ज़ल एवं गीत पद्मश्री अशोक चक्रधर की तीन ग़ज़लें June 27, 2026 ग़ज़ल एवं गीत ज्ञान प्रकाश विवेक की ग़ज़लें June 27, 2026 3 टिप्पणी धन्यवाद जी पुरवाई टीम को नमस्कार जवाब दें धन्यवाद जी पुरवाई टीम को नमस्कार ।।।। जवाब दें बहुत सुंदर रचना सुजान जी जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest डॉ. पूरन सिंह की कहानी- माइंडसेट July 11, 2026 दिल्ली में ‘अजीब दास्ताँ’ का ज़बर्दस्त मंचन July 11, 2026 संगीता कुमारी की कहानी-नशे की गिरफ्त July 11, 2026 डॉ. मुकेश ‘असीमित’ का व्यंग्य-बेईमानों की ईमानदारी July 11, 2026 और अधिक लोड करें
धन्यवाद जी
पुरवाई टीम को नमस्कार
धन्यवाद जी
पुरवाई टीम को नमस्कार ।।।।
बहुत सुंदर रचना सुजान जी