Wednesday, September 9, 2026
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सन्ध्या गोयल सुगम्या  की रचनाएँ

1.हिन्दी हमारी मातृभाषा है
हिन्दी हमारी मातृभाषा है, क्षेत्रीय भाषाएँ हमारी मौसियाँ
संस्कृत है नानी, जिसकी महिमा जाए न बखानी
इंग्लिश है आंटी, विश्व में सम्माननीय
हमारी मेहमान है, हमारे लिए पूजनीय
किन्तु आंटी को नहीं दे सकते, माँ का स्थान
माँ  ने ही तो दिया है, हमें सारा जहान ।
2   हिन्दी पहचान है हमारी
सम्मान की अधिकारी है हिन्दी,
हम इसके लिये उसे तरसायें क्यों
यदि प्रत्येक दिवस दें हिन्दी को
तो हिन्दी दिवस मनाएं क्यों
हिन्दी समृद्ध है,वैज्ञानिक है,
फिर शब्दों के अर्थ रटायें क्यों
हिन्दी फिल्में लोकप्रिय हैं सारे विश्व में,
तो हिन्दी सिखाने का यह मौका गँवाएँ क्यों
हिन्दी पहचान है हमारी
अपनी पहचान भुलाएँ क्यों
  • सन्ध्या गोयल सुगम्या 
गाज़ियाबाद
7217835257
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