आज आपको एक शहर की कहानी सुनाती हूँ ..एक ऐसे शहर की जो आपको अपने शहर की याद दिला देगा…चमक दमक से भरा पूरा, बड़े बड़े शॉपिंग मॉल आसमान छूती इमारतें ..इन इमारतों से बातें करते फ़्लाइओवर ..चौड़ी-चौड़ी सड़कें और उनपर बने बल्बनुमा यू टर्न इस शहर को मानो अलग से परिभाषित करते हैं.
इस चमकते-दमकते शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर मानो स्वच्छता अभियान को सीधी चुनौती देते प्रतीत होते हैं ..ऐसा कतई नहीं है कि यहाँ का प्रशासन साफ़ सफाई जैसा पावन कार्य करना नहीं चाहता. ये पूरे दिलो जान से सफाई करते हैं.. यहाँ तक कि उसके सबूत भी छोड़ते हैं. नालों की सफाई हर साल की जाती है उसके लिए बरसात शुरू होने का इन्तजार ऐसे किया जाता है मानो नई ब्याहता बरसात में पीया संग भीगने का सपना लिए हुए सावन के आने का करती है.
बरसात शुरू होते ही हाल ही में हिरोइन बनी जेसीबी लहराती हुई आती है और पूरी शिद्दत के साथ नालियों का कूड़ा और गंदगी बाहर निकाल कर ढेर लगा देती है. भले ही इस कार्य में नए बने फुटपाथ की बलि ही क्यों ना चढ़ जाए पर जेसीबी अपना कार्य पूरी लगन और ईमानदारी से सम्पन्न करती है. टूटा फुटपाथ और बिखरा कूड़ा मानो ताल से ताल मिलाते सबको मुहं चिडाते नजर आते हैं...

