होमग़ज़ल एवं गीतआशा शैली की ग़ज़ल - साथ तू था न तेरा साया था ग़ज़ल एवं गीत आशा शैली की ग़ज़ल – साथ तू था न तेरा साया था By आशा शैली February 5, 2023 1 280 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp जिससे दामन बहुत बचाया था साथ उस ग़म ने ही निभाया था राज़ वह क्या करोगे तुम सुनकर दिल ने जो बारहा छुपाया था जिन्दगी इक भरम में गुज़री है साथ तू था न तेरा साया था मैं इबादत से बहल जाती हूँ यह नियम उम्र भर निभाया था सर को सजदे में उसके झुकने दे जिसके दर पे सुकून पाया था जीत पाये न हार ही पाये दांव यह किस तरह लगाया था उस पे फिर से यकीन क्यों शैली जिस से कल भी फरेब खाया था Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखसंपादकीय – बी.बी.सी. की चीनी कड़वी हो गईअगला लेखस्वर्ण ज्योति की कविता – ज़िंदगी…! आशा शैलीसंपर्क - [email protected] RELATED ARTICLES ग़ज़ल एवं गीत आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 27, 2026 ग़ज़ल एवं गीत पद्मश्री अशोक चक्रधर की तीन ग़ज़लें June 27, 2026 ग़ज़ल एवं गीत ज्ञान प्रकाश विवेक की ग़ज़लें June 27, 2026 1 टिप्पणी मेरी ग़ज़ल को स्थान देने के लिए आभार जवाब दें कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest लंदन में FISI-UK का ‘सभ्यतागत भारत’ पर अमी गणात्रा का ज्ञानवर्धक व्याख्यान July 16, 2026 डॉ. पूरन सिंह की कहानी- माइंडसेट July 11, 2026 दिल्ली में ‘अजीब दास्ताँ’ का ज़बर्दस्त मंचन July 11, 2026 संगीता कुमारी की कहानी-नशे की गिरफ्त July 11, 2026 और अधिक लोड करें
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