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अर्चना चतुर्वेदी की चुटकी – टेस्टायमान भव:

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देखो भई हम हैं नए ज़माने के यानी मशीनी युग के लोग | हर काम मशीनों से करने के आदी, हाथ से कोई काम ना करें | वो जमाना गया जब लोग  बीमार पड़ते थे तो डाक्टर या वैद्य/हकीम  कलाई की नाड़ी पकड़ कर रोग बता देते थे | ना कोई अल्ट्रासाउंड ना खून पेशाब की जांच और तो और डाक्टर, वैद्य औरतों का तो मुंह तक नही देख पाते थे | औरतें परदे में से हाथ निकालती वैद्य जी नाड़ी देखते और रोग का इलाज शुरू | और मुएँ आजकल के कलियुगी वैद्यों (डाक्टर )को देखो कमबख्त नाड़ी के अलावा सब कुछ देख डालें पर रोग फिर भी समझ ना आवे | हे भगवान आप लोग क्या समझ रहे हैं !
मेरा मतलब जीभ दिखाओ, पेट दिखाओ, आँख दिखाओ टाइप दिखाने से था | आप लोग भी ना जाने क्या क्या सोच लेते हैं | हाँ तो में कह रही थी ये कलयुगी वैद्य सब देखते देखते जेबें भी देख डालते हैं और फिर शुरू होगा मशीनी युग यानि टेस्टों का दौर जिसमें खून, शुशु, पोटी सबकी जांच के साथ साथ एक्सरे- अल्ट्रासाउंड तक करवा दिए जायेंगे | यदि कहीं उन्हें यानि डाक्टर साब को आपके स्वास्थ्य बीमा की भनक लग गयी तो समझो आपको टेस्टायमान  भव : आशीर्वाद मिला ही समझो |

अर्चना चतुर्वेदी की चुटकी - टेस्टायमान भव: 3

अभी पिछले दिनों हमारे एक मित्र को पेट दर्द की शिकायत हुई | डॉक्टर साब ने हार्ट, शुगर, बी.पी से लेकर कैंसर तक कोई टैस्ट बकाया नही छोड़ा और अंत में निचोड़ ये निकला कि किसी दवा का रिएक्शन था |
अब इन सो काल्ड डॉक्टर महोदय से कोई पूछे “भई आप शक की बिना पर या अपनी जेबें भरने के लिए इतनी बड़ी बड़ी बिमारियों के टैस्ट तो करवा रहे हैं ,पर बेचारे मरीज की तो रातों की नींद और दिन का चैन छीन डाला| जब तक सभी रिपोर्ट सही सलामत ना आ जाये, वो बेचारा तो किसी बड़ी बीमारी के डर से रोज मरेगा | पर इस सबसे डॉक्टर साब को क्या फर्क पड़ता है ।  
आप कोई अकेले तो हैं नही जो वो अपने दिमाग पर जोर दें और दिल से सोचना डाक्टर का काम नही ।  और एक बात यदि आप डॉक्टर से संतुष्ट नहीं और आपने डॉक्टर बदलने की गलती कर दीतो नया डॉक्टर आपकी सारी रिपोर्टो को सिरे से ख़ारिज कर देगा | बच्चू फिर शुरू होगी टेस्टों की ए बी सी डी|  
मुझे तो कभी कभी लगता है ये डाक्टर कहीं यमराज के एजेंट तो नहीं जिन्हें साल के टारगेट मिले हों पूरे करने को । पहले डॉक्टर को भगवान माना जाता था आज के डॉक्टर किसी जादूगर से कम नहीं  यदि किसी बिमारी का इलाज नहीं है इनके पास तो भी लाखों का बिल बनाकर खड़ा कर सकते, मुर्दे का भी कई दिन तक इलाज कर सकते हैं । 
आप की जेब की हालत तो मुर्गी जैसी है जिसे कटना ही है, तो भगवान से दुआ करिये कि आपको स्वस्थ रखें ताकि इन जल्लादों से आपकी मुर्गी की रक्षा हो सके | वरना आपकी जेब का धन और आपके शरीर का खून भले ही खत्म हो जाये इनके टैस्ट तो खत्म होने से रहे |

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