“मम्मी पापा, मुझे आप दोनों से कुछ जरूरी बात करनी है।” बारह साल के युग ने अपनी मम्मी दिया और पापा अर्जुन से रात में दोनों के बेडरूम में आकर कहा, जब वो दोनो सोने ही जा रहे थे।
“हां बोलो बेटा, क्या कहना है तुम्हें।”थोड़ा आश्चर्य से दिया ने युग से पूछा।
“मैं आगे… म.. मैं आगे।” थोड़ा हकलाते और थोड़ा डरते हुए युग ने कहा।
“हमारे साथ यहां बैठो आराम से।” अर्जुन ने युग को प्यार से कहा और अपने पास बेड पर बैठा लिया और फिर दोबारा युग से अर्जुन ने कहा” जो भी कहना है, बिना परेशान या डरे हुए कहो; बोलो अब क्या बताना चाहते हो?”
“मैं अब आगे नहीं पढ़ना चाहता।” इस बार बिना हिचके युग ने कह दिया, जिससे दिया और अर्जुन कुछ पल के लिए हैरान हो गए, वो दोनो जानते थे; की युग को पढ़ना बिल्कुल पसंद नहीं है, पर ये नहीं जानते थे, की युग पढ़ने के लिए बिल्कुल मना ही कर देगा।
“तो फिर तुम क्या करना चाहते हो?” अर्जुन ने पूछा।
“मैं स्पोर्ट्स में जाना चाहता हूं, सिर्फ स्पोर्ट्स।” युग ने कहा।
“बेटा, सिर्फ स्पोर्ट्स से काम नहीं चलता, तुम्हें अपना करियर स्पोर्ट्स में बनाना है, तो बिल्कुल बनाना, लेकिन पढ़ना जरूरी है।” दिया ने युग को समझाते हुए कहा।
“नहीं मम्मी, मुझ पढ़ना पसंद नहीं है बस।” थोड़ा ज़िद करते हुए युग बोला।
“ठीक है अगर तुम्हें पढ़ना नहीं है, तो मत पढ़ना; कोई जबरदस्ती नहीं है।” दिया ने शांति से कहा और अर्जुन को हल्का सा इशारा किया।
“हां बेटा, अगर नहीं पढ़ना तो कोई बात नहीं; कोई जबरदस्ती नहीं है।” अर्जुन ने भी कहा।
युग खुश हो गया और पापा मम्मी के गले लग गया।
दूसरे दिन युग ने अपने मम्मी पापा से कहा” मम्मी पापा मैं आज से ही स्कूल नहीं जाऊंगा”
“बेटा, स्पोर्ट्स डे होने तक चले जाओ, उसमें तुमने पार्ट लिया है, उसके बाद तुम्हारा नाम स्कूल से कटा देंगे।”अर्जुन ने कहा।
“ओह! येस, स्पोर्ट्स डे आने वाला है; मैं तो भूल ही गया था, प्रैक्टिस भी करनी है; मैं रेडी हो जाता हूं स्कूल के लिए बस आती होगी।” युग ने कहा और रेडी होने चला गया।
स्पोर्ट्स डे भी आ गया और युग बास्केटबॉल में सेकंड भी आया, बहुत खुश था युग; एक तो जीत की खुशी से और दूसरा स्कूल से पीछा छूट जाने से।
दूसरे दिन सन्डे था, युग दोपहर में अपने दोस्त मिहिर के घर जाता है और जब युग वापस आता है, तब युग अपने मम्मी पापा से कहता है” मम्मी पापा, मुझे पढ़ाई नहीं छोड़नी, स्कूल जाना है।”
“अरे! युग बेटा, तुमने तो मना कर दिया था; अब अचानक क्या हुआ?” हैरानी से अर्जुन ने पूछा।
“पापा, पढ़ना अपनी जगह है; खेलना अपनी जगह है, पढ़ते हुए भी मैं अपने स्पोर्ट्स को बेहतर कर सकता हूं, बाद में चाहे स्पोर्ट्स को करियर चुनकर स्पोर्ट्स में जा सकता हूं, पढ़ाई को मन से करूंगा तो इंट्रेस्ट भी आ जाएगा, पर अगर पढ़ाई छोड़ दी तो कल को पछताऊंगा।” युग ने कहा।
“पर अचानक तुमने फैसला कैसे चेंज कर लिया?” दिया ने पूछा।
“ऐसे ही सोचा मम्मी, अब मुझे यही सही लगा, इसलिए अब मैं पढ़ाई करूंगा, अब कुछ दिनों बाद क्लास टेस्ट होने वाले है, उसकी पढ़ाई करनी है; अभी जाता हूं पढ़ने।” युग ने कहा और अपने रूम में चला गया।
दिया और अर्जुन एक दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगते हैं और फिर सोचते हैं, कि ये जादू अपने आप नहीं; बल्कि युग के दोस्त मिहिर की वजह से हुआ है, क्यूंकि मिहिर के पापा और अर्जुन दोनों अच्छे दोस्त हैं और मिहिर, युग से दो साल बड़ा था।
पर दोनों दोस्त तो थे ही, पर युग ने अब तक मिहिर को अपने स्कूल छोड़ने की बात नहीं बताई थी, मिहिर और दिया ने मिहिर से कहा, की अब तुम ही किसी तरह कोशिश करो युग को पढ़ाई का महत्व समझाने की; तो जब युग, मिहिर को आज अपने पढ़ाई छोड़ने वाली बात बताने ही जाता है।
इससे पहले की युग कुछ कहे; मिहिर, युग को बताता है की मिहिर की मेड का बेटा सूरज पढ़ने में बहुत अच्छा है साथ ही स्पोर्ट्स में भी अच्छा है, मिहिर ने बताया; की पढ़ने को लेकर बहुत खुश रहता है सूरज, क्यूंकि उसे पहले उम्मीद नहीं थी; की वो पढ़ पाएगा और पढ़ाई की कीमत उन्हें ही पता होती है, जिसे पढ़ने को आसानी से नहीं मिलता और जब युग ने मिहिर को बताया की` वो पढ़ाई छोड़ने जा रहा है, तो मिहिर ने समझाया; कि अगर तूने पढ़ाई छोड़ दी, तो तू एजुकेटेड नहीं कहलाएगा, बहुत से सक्सेस लोग हैं जिन्होंने पढ़ाई नहीं की है, पर जरूरी तो नहीं, कि तेरी किस्मत बिना पढ़ाई के बन जाए।
स्पोर्ट्स के साथ पढ़ाई लेकर चल; भगवान ना करे, की कल को तू स्पोर्ट्स में सफल नहीं हो पाया, तो पढ़ाई के सहारे दुनिया में आगे बढ़ सकता है, स्पोर्ट्स और स्टडी दोनों कर, पढ़ाई मन से करेगा; तो पढ़ने में इंटरेस्ट भी आएगा।
ये सब सुनने के बाद युग को स्टडी के महत्व का पता चला और आज उसने पढ़ाई करने का फैसला लिया, दिया और अर्जुन ने शांति और समझदारी से काम लिया, युग को मारने या डांटने के बजाय उन्होंने उसे अलग तरीके से पढ़ाई का महत्व समझाया, जिससे वो कभी भी पढ़ाई छोड़ने की बात नहीं करेगा।

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