होमग़ज़ल एवं गीतनिज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल ग़ज़ल एवं गीत निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल By निज़ाम फ़तेहपुरी October 24, 2021 0 227 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp नाम लिक्खा छुरी, जिसने छूरी नहीं हमसे क़ाबिल हो वो, ये जरूरी नहीं बन गए क्यों ग़ज़ल, के बहुत से नियम जानकारी किसी, को थी पूरी नहीं इतना आसाँ नहीं, सीखना शायरी लफ़्ज़ कम बात हो, पर अधूरी नहीं राह अपनी अलग, सोच अपनी अलग फिर भी अपनी किसी, से है दूरी नहीं काम शायर का बस, सच है कहना ‘निज़ाम’ करना दरबार मे, जी-हुज़ूरी नहीं Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखरमेश कुमार ‘रिपु’ की कलम से ‘बलम कलकत्ता’ की समीक्षा – अलग बुनावट की कथाअगला लेखनिधि भार्गव ‘मानवी’ की कहानी – नज़र निज़ाम फ़तेहपुरी RELATED ARTICLES ग़ज़ल एवं गीत ज्ञान प्रकाश विवेक – ग़ज़लें July 25, 2026 ग़ज़ल एवं गीत आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 27, 2026 ग़ज़ल एवं गीत पद्मश्री अशोक चक्रधर की तीन ग़ज़लें June 27, 2026 कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 अपनी बात…… April 6, 2018 और अधिक लोड करें Latest गिलास को हिंदी में क्या कहते हैं…. August 8, 2026 क्लासिक पुस्तकों का भविष्य.. August 1, 2026 जितेंद्र कुमार का संस्मरण-ख़त का सफ़र July 25, 2026 प्रेमचंद्र की कहानी मंत्र का नाट्य रूपांतरण-डॉ चंद्रशेखर तिवारी July 25, 2026 और अधिक लोड करें