होमग़ज़ल एवं गीतहोली पर निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल ग़ज़ल एवं गीत होली पर निज़ाम फतेहपुरी की ग़ज़ल By निज़ाम फ़तेहपुरी March 28, 2021 0 501 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp खेलन को होली आज तेरे द्वार आया हूँ। खाकर के गोला भांग का मैं यार आया हूँ।। मानो बुरा न यार है त्यौहार होली का। खुशियाँ मनाने अपने मैं परिवार आया हूँ।। छिपकर कहाँ है बैठा जरा सामने तो आ। पहले भी रंगने तुझको मैं हर बार आया हूँ।। चौखट पे तेरे आज भी रौनक है फाग की। शोभन में पाने प्यार मैं सरकार आया हूँ।। होली निज़ाम खेल के मस्ती में मस्त है। कुछ तो करो कृपा तेरे दरबार आया हूँ।। Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखबर्मिंघम से डॉ. कृष्ण कन्हैया की कविता – अनाथअगला लेखसंगीता कुमारी की कहानी – पुरुष तुम्हें अग्नि परीक्षा देनी होगी निज़ाम फ़तेहपुरी RELATED ARTICLES ग़ज़ल एवं गीत बलजीत सिंह की गज़लें August 22, 2026 ग़ज़ल एवं गीत हरकीरत हीर की तीन ग़ज़लें August 8, 2026 ग़ज़ल एवं गीत ज्ञान प्रकाश विवेक – ग़ज़लें July 25, 2026 कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 और अधिक लोड करें Latest सुजाता दाश की कविता, हिंदी : मेरे भीतर का पहला घर September 5, 2026 सोनिया गाँधी की प्रेम यात्रा… August 29, 2026 आभासी रिश्ते, पास कोई नहीं August 22, 2026 सविता मिश्रा ‘अक्षजा’ की कहानी -दोस्ती की लकीर August 22, 2026 और अधिक लोड करें